बिहार: स्टाफ नर्स से लैब टेक्नीशियन तक की होगी बहाली, प्रदेश में 11 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी
बिहार में स्वास्थ्य विभाग के तहत 11 हजार से अधिक पदों पर बहाली की तैयारी की जा रही है। नवंबर के आखिरी सप्ताह में भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी होने की संभावना है। स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, ब्लॉक हेल्थ मैनेजर समेत कई संवर्गों में नियुक्तियां होंगी।
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बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राज्य स्वास्थ्य समिति के जरिये 11,000 से अधिक पदों पर बहाली करने की घोषणा की है। बड़े पैमाने पर होने वाली इस भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के युवाओं को राज्य में ही सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सोशल मीडिया पर इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी थी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि नवंबर के आखिरी सप्ताह में इस भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
खाली पदों का जुटाया जा रहा आंकड़ा
स्वास्थ्य विभाग इस नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर रहा है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में विज्ञापन जारी करने के साथ ही अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए जल्द ही विस्तृत भर्ती कैलेंडर भी प्रकाशित किया जाएगा। नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से राज्य के सभी 38 जिलों में स्थित स्वास्थ्य संस्थानों से रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी और ब्योरा जुटाया जा रहा है। प्रथम चरण की बहाली होने के बाद दूसरे चरण में अन्य बचे हुए रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
इन प्रमुख पदों पर होंगी नियुक्तियां
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विभिन्न संवर्गों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें मुख्य रूप से स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, प्रबंधकीय श्रेणी, ब्लॉक हेल्थ मैनेजर, एनएमई और लिपिकीय संवर्ग के पद शामिल हैं। इन सभी पदों पर भर्ती के लिए आवश्यक योग्यता और दिशा-निर्देश आधिकारिक विज्ञापन में उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर रिक्तियों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया बिना किसी बाधा के समय पर पूरी की जा सके।
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स्वास्थ्य व्यवस्था और रोजगार पर असर
इस वृहद बहाली प्रक्रिया से बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और उन्हें काम की तलाश में राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार आएगा। अस्पतालों में आवश्यक स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती होने से आम मरीजों को समय पर पैथोलॉजिकल जांच और बेहतर इलाज की सुविधाएं सुलभता से मिल सकेंगी।