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कैसे बदल रही भारतीय महिला क्रिकेट की तस्वीर?: कोच बोले- पूरी दुनिया पर करेंगे राज, बताया तीन सूत्रीय फॉर्मूला
Sat, 31 Oct 2026 06:45 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Sat, 31 Oct 2026 06:45 PM IST
सार
- भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार को भरोसा है कि अगले दो वर्षों में टीम विश्व क्रिकेट पर अपना दबदबा कायम कर सकती है।
- उन्होंने युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा, फिटनेस और आधुनिक क्रिकेट की समझ को इसकी बड़ी वजह बताया।
- मजूमदार ने टीम की सफलता के लिए जीतने की मानसिकता, अनुशासन और अभ्यास में पूरी तीव्रता को अपना तीन सूत्रीय फॉर्मूला बताया।
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भारतीय महिला टीम
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार को भरोसा है कि आने वाले दो वर्षों में टीम व्हाइट बॉल क्रिकेट (वनडे और टी20) में विश्व क्रिकेट पर अपना दबदबा कायम करने में सफल होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट में युवा प्रतिभाओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए टीम के पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल होने की पूरी क्षमता है। मुंबई में शनिवार को स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ मुंबई (एसजेएएम) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में मजूमदार ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि टीम के भीतर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने और मैदान पर विपक्षी टीमों के खिलाफ दबदबा बनाने की मानसिकता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
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अमोल मजूमदार
- फोटो : BCCI/PTI
'महिला टीम में दबदबा बनाने की क्षमता'
अमोल मजूमदार ने कहा, 'दो साल बाद अगर भारतीय टीम विश्व क्रिकेट पर अपना दबदबा बनाने लगे तो मुझे बेहद खुशी होगी। टीम के भीतर हम हमेशा से दबदबे और मैदान पर आक्रामक एवं निर्णायक खेल दिखाने की बात करते रहे हैं।' उन्होंने कहा कि मुंबई क्रिकेट में अपने शुरुआती दिनों के दौरान उन्होंने जिन चीजों को सीखा, उन्हीं सिद्धांतों को अब भारतीय महिला टीम में लागू करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारतीय महिला टीम ने पिछले साल घरेलू मैदान पर पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब जीता था। हालांकि, टीम अब तक कोई बड़ा टी20 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं जीत सकी है। ऐसे में नए कप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार के सामने टी20 प्रारूप में भी टीम को चैंपियन बनाने की चुनौती होगी। आगामी छह टीमों की आईसीसी टी20 चैंपियंस ट्रॉफी इस दिशा में टीम के लिए अहम मौका होगी। इसका आयोजन मुंबई और वडोदरा में किया जाएगा।
अमोल मजूमदार ने कहा, 'दो साल बाद अगर भारतीय टीम विश्व क्रिकेट पर अपना दबदबा बनाने लगे तो मुझे बेहद खुशी होगी। टीम के भीतर हम हमेशा से दबदबे और मैदान पर आक्रामक एवं निर्णायक खेल दिखाने की बात करते रहे हैं।' उन्होंने कहा कि मुंबई क्रिकेट में अपने शुरुआती दिनों के दौरान उन्होंने जिन चीजों को सीखा, उन्हीं सिद्धांतों को अब भारतीय महिला टीम में लागू करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारतीय महिला टीम ने पिछले साल घरेलू मैदान पर पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब जीता था। हालांकि, टीम अब तक कोई बड़ा टी20 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं जीत सकी है। ऐसे में नए कप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार के सामने टी20 प्रारूप में भी टीम को चैंपियन बनाने की चुनौती होगी। आगामी छह टीमों की आईसीसी टी20 चैंपियंस ट्रॉफी इस दिशा में टीम के लिए अहम मौका होगी। इसका आयोजन मुंबई और वडोदरा में किया जाएगा।
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भारतीय महिला टीम
- फोटो : BCCI Women
युवा खिलाड़ियों से मजबूत होगी भारतीय टीम
- मजूमदार ने भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य को लेकर भी भरोसा जताया। उनका मानना है कि अंडर-15, अंडर-19 और इंडिया-ए स्तर पर जिस तरह की प्रतिभाएं सामने आ रही हैं, उससे आने वाले समय में भारतीय टीम टी20 प्रारूप में भी बेहद मजबूत हो जाएगी।
- उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवा खिलाड़ियों के लिए आयोजित होने वाले शिविर भारतीय महिला क्रिकेट की बेहतर स्थिति को दर्शाते हैं। मजूमदार के मुताबिक, नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों की अच्छी समझ है। वे फिटनेस, पोषण, फील्डिंग और एथलेटिक क्षमता के महत्व को समझते हैं।
- उन्होंने कहा, 'अंडर-15 स्तर के खिलाड़ी भी पेशेवर खिलाड़ियों की तरह तैयारी कर रहे हैं। उन्हें खेल में पोषण और फिटनेस की अहमियत पता है। वे शानदार फील्डर हैं और समझते हैं कि क्रिकेट में एथलेटिक क्षमता कितनी जरूरी है। जब युवा पीढ़ी टीम की जिम्मेदारी संभालेगी, तब भारतीय क्रिकेट काफी मजबूत स्थिति में होगा।'
भारतीय महिला टीम
- फोटो : BCCI Women
मजूमदार ने दिया तीन सूत्रीय फॉर्मूला
भारतीय टीम के कोच ने अपनी कोचिंग फिलॉसफी के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि उनकी कोचिंग के तीन प्रमुख आधार हैं- जीतने की मानसिकता, अनुशासन और अभ्यास के दौरान पूरी तीव्रता। मजूमदार ने कहा कि ये सिद्धांत उन्हें मुंबई क्रिकेट में अपने शुरुआती दिनों और दिग्गज कोच रमाकांत आचरेकर से मिली सीख से हासिल हुए हैं। आचरेकर ने सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली जैसे दिग्गज क्रिकेटरों को शुरुआती दिनों में प्रशिक्षण दिया था।
उन्होंने कहा, 'हम मैदान पर जीतने के लिए उतरते हैं और इसमें कोई दूसरा विचार नहीं होना चाहिए। मेरे लिए जीत सबसे महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही टीम में अनुशासन भी बेहद जरूरी है। ड्रेसिंग रूम में क्रिकेट से जुड़े कुछ ऐसे नियम और मूल्य हैं, जिनका पालन सभी खिलाड़ियों को करना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा कि अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों की तीव्रता भी उनकी कोचिंग का अहम हिस्सा है। उनका मानना है कि ट्रेनिंग में जिस स्तर की मेहनत और गंभीरता दिखाई जाती है, वही मैच के दौरान मैदान पर नजर आनी चाहिए।
भारतीय टीम के कोच ने अपनी कोचिंग फिलॉसफी के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि उनकी कोचिंग के तीन प्रमुख आधार हैं- जीतने की मानसिकता, अनुशासन और अभ्यास के दौरान पूरी तीव्रता। मजूमदार ने कहा कि ये सिद्धांत उन्हें मुंबई क्रिकेट में अपने शुरुआती दिनों और दिग्गज कोच रमाकांत आचरेकर से मिली सीख से हासिल हुए हैं। आचरेकर ने सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली जैसे दिग्गज क्रिकेटरों को शुरुआती दिनों में प्रशिक्षण दिया था।
उन्होंने कहा, 'हम मैदान पर जीतने के लिए उतरते हैं और इसमें कोई दूसरा विचार नहीं होना चाहिए। मेरे लिए जीत सबसे महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही टीम में अनुशासन भी बेहद जरूरी है। ड्रेसिंग रूम में क्रिकेट से जुड़े कुछ ऐसे नियम और मूल्य हैं, जिनका पालन सभी खिलाड़ियों को करना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा कि अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों की तीव्रता भी उनकी कोचिंग का अहम हिस्सा है। उनका मानना है कि ट्रेनिंग में जिस स्तर की मेहनत और गंभीरता दिखाई जाती है, वही मैच के दौरान मैदान पर नजर आनी चाहिए।
महिला टीम ने जीता वनडे विश्व कप 2025
- फोटो : ANI
महिला विश्व कप की जीत में ड्रेसिंग रूम की एकता रही अहम
मजूमदार ने पिछले साल भारत की पहली वनडे विश्व कप खिताबी जीत के पीछे टीम की एकजुटता और ड्रेसिंग रूम के सकारात्मक माहौल को सबसे बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि टीम के भीतर आपसी तालमेल और खिलाड़ियों के बीच अच्छा माहौल होने से मैदान पर भी उसका सकारात्मक असर दिखाई दिया। मजूमदार के मुताबिक, ड्रेसिंग रूम में हमेशा उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने की कोशिश की गई। खिलाड़ियों के बीच एकता ने टीम को मुश्किल परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। उन्होंने कहा कि अपने क्रिकेट करियर के दौरान भी उन्होंने ऐसी टीमों में खेला है, जहां ड्रेसिंग रूम का शानदार माहौल मैदान पर अच्छे प्रदर्शन की वजह बना। भारतीय महिला टीम की विश्व कप जीत में भी यही एकजुटता और सकारात्मक माहौल अहम साबित हुआ।
मजूमदार ने पिछले साल भारत की पहली वनडे विश्व कप खिताबी जीत के पीछे टीम की एकजुटता और ड्रेसिंग रूम के सकारात्मक माहौल को सबसे बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि टीम के भीतर आपसी तालमेल और खिलाड़ियों के बीच अच्छा माहौल होने से मैदान पर भी उसका सकारात्मक असर दिखाई दिया। मजूमदार के मुताबिक, ड्रेसिंग रूम में हमेशा उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने की कोशिश की गई। खिलाड़ियों के बीच एकता ने टीम को मुश्किल परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। उन्होंने कहा कि अपने क्रिकेट करियर के दौरान भी उन्होंने ऐसी टीमों में खेला है, जहां ड्रेसिंग रूम का शानदार माहौल मैदान पर अच्छे प्रदर्शन की वजह बना। भारतीय महिला टीम की विश्व कप जीत में भी यही एकजुटता और सकारात्मक माहौल अहम साबित हुआ।