जेनी प्रकरण: महिला का वीडियो वायरल, कहा- एक दिन का समय दो, सबूत के साथ बताउंगी 2003 में क्या हुआ था
सीएम धामी के हाल ही में आए बयान के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी जेनी प्रकरण पर सवाल उठा चुके हैं। वहीं, कांग्रेस नेता हरक सिंह इस पर अपनी सफाई भी दे चुके हैं। अब एक महिला का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुद को जेनी बता रही है।
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नमस्कार, मैं जेनी...असम की रहने वाली हूं। बुधवार को अचानक सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो से सियासी पारा चढ़ गया। 23 साल के बाद एक महिला सोशल मीडिया के जरिये सामने आई है, जो खुद को जेनी बता रही है। महिला ने कहा कि वह कल (बृहस्पतिवार को) सबूत के साथ बताएगी कि 2003 में उसके साथ क्या हुआ था।
वीडियो में महिला बोल रही है कि ''मैं जेनी हूं... असम की रहने वाली हूं। देखिए, आप लोग जो गंदगी मचा रखे हैं, राजनीति कर रहे हैं मेरे नाम को लेके... मेरे साथ क्या हुआ, क्या नहीं हुआ, किसी ने नहीं पूछा। आज इतने वर्षों के बाद मेरे बारे में एक-दूसरे... मतलब लांछन लगा रहे हैं। मेरे बारे में इतनी गंदी-गंदी टिप्पणियां कर रहे हो आप लोग, है ना? रही बात मेरे साथ किसने क्या किया, क्या नहीं किया, वो मुझे पता है।
विद प्रूफ के साथ मैं आप लोगों के सामने आऊंगी। जो भी है, मेरे साथ जो हुआ था 2003 में, या उस बीच में, जो भी हुआ मैं आप लोगों को बताऊंगी। लेकिन अभी मेरे बारे में जो भी आप लोग बातें कर रहे हो, एक-दूसरे के ऊपर.. इसका डीएनए करो, उसका डीएनए करो... आप लोग कौन होते हो? ठीक है ना? ये सब मत करिए। मैं खुद अपनी जुबान से बताऊंगी मेरे साथ क्या हुआ है। क्या नहीं हुआ। ठीक है ना। बस मैं इतना ही कहना चाहती हूं अभी। मुझे बस एक दिन का टाइम दीजिए।''
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सोशल मीडिया में जैसे ही ये वीडियो वायरल हुआ, सियासी पारा चढ़ने लगा। तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गईं। अब सबकी निगाहें महिला के दूसरे वीडियो पर है। बता दें कि बोलने वाली महिला जेनी ही है या नहीं, इसकी अमर उजाला पुष्टि नहीं करता।
हरक को डीएनए टेस्ट में मिल चुकी क्लीन चिट
वर्ष 2003 में असम की जेनी ने तत्कालीन राजस्व मंत्री हरक सिंह रावत पर अपने बच्चे का पिता होने का आरोप लगाया था, जिससे उत्तराखंड की सियासत में तूफान आ गया था। हरक ने मंत्री पद से इस्तीफा देते हुए कहा था कि जब तक वह बेदाग साबित नहीं होंगे, तब तक सदन में लौटकर नहीं आएंगे। बाद में एनडी तिवारी की संस्तुति पर सीबीआई ने जांच शुरू की थी। डीएनए टेस्ट में हरक सिंह को क्लीन चिट मिली थी और बाद में जेनी के पते व मोबाइल नंबर फर्जी पाए गए थे।