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पीएनबी में 35 करोड़ की हेराफेरी!: 'खाते में थे 1.18 करोड़ रुपये, अब जीरो बैलेंस', पीड़ितों का गुस्सा फूटा

Wed, 28 Oct 2026 01:31 PM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: Vijay Singh Pundir Updated Wed, 28 Oct 2026 01:31 PM IST
सार

मामले की जानकारी फैलने के बाद आसपास के गांवों के कई खाताधारक बैंक पहुंच गए।पीएनबी बैंक में 35 करोड़ से अधिक की हेराफेरी के खिलाफ किसान मजदूर संगठन ने पीड़ितों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। खाताधारकों का कहना है कि उनकी जीवनभर की जमा पूंजी बैंक में सुरक्षित नहीं रही तो वे कहां जाएं।

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Allegation of embezzlement of Rs 35 crore in Aicher branch of PNB in Greater Noida
पीएनबी में 35 करोड़ की हेराफेरी का आरोप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की ऐच्छर गांव स्थित शाखा में खाताधारकों की करीब 35 करोड़ रुपये की रकम में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक के कर्मचारियों ने कई खाताधारकों की एफडी समय से पहले तोड़कर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी। कई लोगों ने खातों से रकम गायब होने और एफडी खत्म होने की शिकायत की है। कई पीड़ितों ने सेविंग अकाउंट से रकम गायब होने की बात कही है।

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बैंक परिसर में जुटे लोग, धरना देने की चेतावनी
मामले की जानकारी फैलने के बाद आसपास के गांवों के कई खाताधारक बैंक पहुंच गए। पीएनबी बैंक में 35 करोड़ से अधिक की हेराफेरी के खिलाफ किसान मजदूर संगठन ने पीड़ितों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। एफआईआर करने के साथ पैसा वापस आने तक धरना देने की चेतावनी दी।
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'मां के खाते में 1.18 करोड़ रुपये थे, अब सब गायब'
एक खाताधारक ने बताया कि उनकी मां संतोष के बैंक खाते में 1.18 करोड़ रुपये थे। लेकिन अब उनके खाते में जीरो बैलेंस है। बैंक वालों ने आश्वासन दिया है कि उनके पैसे वापस आ जाएंगे। वहीं एक अन्य पीड़ित ने कहा कि उनके खाते में 1 लाख 38 हजार रुपये बैलेंस था, लेकिन अब उनके खाते में पैसे नहीं हैं।
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वहीं एक किसान संगठन का आरोप है कि 130 से 150 करोड़ के बीच का गबन किया गया है। मामला सामने आने के बाद पीएनबी क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से बैंक मैनेजर सहित पांच बैंक कर्मचारियों को निलंबित कर नए स्टाफ की तैनाती की गई है। हालांकि बैंक की ओर से इस संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। वहीं बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने भी शिकायतों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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ऐच्छर गांव निवासी ट्रांसपोर्टर विनीत भाटी ने मंगलवार को बीटा-2 कोतवाली में तहरीर देकर बैंक कर्मचारियों की भूमिका की जांच और 25 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की। उनका कहना है कि वह जय शिव ट्रांसपोर्ट नाम से फर्म चलाते हैं और उनका बैंक में करंट अकाउंट है। उन्होंने म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए बैंक कर्मचारियों से संपर्क किया था। ब्रांच मैनेजर के कहने पर उन्होंने चेक और संबंधित ब्रोशर पर हस्ताक्षर किए थे। आरोप है कि रकम उनके सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर किए जाने के बजाय किसी अन्य खाते में भेज दी गई। खाता विनीत भाटी के नाम से बताया गया, लेकिन वह उनका अपना खाता नहीं था।

जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सोमवार को ब्रांच मैनेजर से फोन पर बात की। उन्हें शाखा में कार्रवाई और मामले को लेकर जानकारी दी गई। मगर बाद में एक महिला बैंक कर्मचारी ने भी फोन कर रकम वापस करने का भरोसा दिया, जिसकी रिकॉर्डिंग उनके पास है।

94 लाख के खाते में बचे सिर्फ 16 हजार
बिरौंडा से सेक्टर-पाई क्षेत्र में रहने वाले गौतम ने बताया कि उनके पिता का खाता भी इसी शाखा में है। सोमवार को पिता को 50 हजार रुपये की जरूरत थी। बैंक पहुंचकर निकासी के लिए आवेदन किया तो पता चला कि खाते में केवल 16 हजार रुपये बचे हैं। खाते में पहले करीब 94 लाख रुपये जमा थे।

मुआवजे की रकम में भी गड़बड़ी का आरोप
एक अन्य खाताधारक ने बताया कि उनकी मां के खाते में नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन जाने के बाद करीब एक करोड़ 29 लाख रुपये का मुआवजा आया था। परिवार ने इसमें से करीब 15 लाख रुपये ही निकाले थे। आरोप है कि इसके बावजूद खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम कम मिली। खाताधारक ने रकम की जांच और वापस दिलाने की मांग की है।

एफडी खत्म होने की जानकारी मिली
अन्य खाताधारकों ने भी एफडी और बचत खातों से रकम गायब होने की शिकायत की। एक व्यक्ति के मुताबिक उनकी करीब 15 लाख रुपये की एफडी थी। बैंक पहुंचने पर उन्हें पता चला कि एफडी खत्म हो चुकी है। संजय नाम के एक अन्य व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उनकी करीब 10 लाख रुपये की एफडी तोड़कर रकम किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दी गई। वहीं हनीफ ने आरोप लगाया कि उनके खाते से करीब 39 लाख रुपये निकाल लिए गए। उनका कहना है कि हेड ऑफिस में संपर्क करने के बाद भी उन्हें संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला।

मंगलवार को कई खाताधारक बैंक पहुंचे। आरोप है कि करीब 50 लोगों ने बैंक परिसर में हंगामा कर रकम वापस कराने और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। विनीत ने अपने मोबाइल से डायल-112 पर सूचना दी। आरोप है कि मौके पर मौजूद बैंक कर्मचारियों ने कई खातों में करीब 35 करोड़ रुपये की हेराफेरी की बात बताई। हालांकि, इस रकम और प्रभावित खातों की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। खाताधारकों का कहना है कि उनकी जीवनभर की जमा पूंजी बैंक में सुरक्षित नहीं रही तो वे कहां जाएं। फिलहाल पुलिस शिकायतों और बैंक से मिली जानकारी के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

वहीं पुलिस का कहना है कि पुलिस के मुताबिक करीब 16 लोगों के साथ धोखाधड़ी की बात सामने आई है। बैंक की एंटी करप्शन टीम की ओर से भी मामले की जांच कराई जा रही है। जिन बैंक मैनेजर और कर्मियों की भूमिका गड़बड़ी सामने आई है। उन्हें निलंबित कर दिया गया है। बैंक की ओर से तीन से चार दिन में रकम वापसी का आश्वासन दिया गया है। एडीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -राम विनोद कुमार, लीड बैंक मैनेजर, गौतमबुद्धनगर

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