{"_id":"6addf3c6131008d17f09018f","slug":"number-of-diabetes-patients-in-solan-crosses-16000-young-people-also-affected-solan-news-c-176-1-sln1013-182727-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: सोलन में 16 हजार के पार पहुंचे डायबिटीज के मरीज, युवा भी चपेट में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: सोलन में 16 हजार के पार पहुंचे डायबिटीज के मरीज, युवा भी चपेट में
Mon, 26 Oct 2026 01:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:47 AM IST
विज्ञापन
20 से 30 की आयु में ही होने लगी अब युवाओं में डायबिटीज की बीमारी
जिले में स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई है मरीजों की जांच, नए मरीज आ रहे सामने
डाक्टरों का तर्क, सॉफ्ट ड्रिंक और खराब जीवन शैली बन रही अब इसका कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बदलती जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों के कारण अब युवा भी डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं। सोलन जिले में डायबिटीज के मरीजों की संख्या 16 हजार के पार पहुंच गई है। इनमें सैकड़ों युवा भी शामिल हैं।
पहले डायबिटीज के मामले मुख्य रूप से 45 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों में सामने आते थे, लेकिन अब 20 से 30 वर्ष की उम्र में भी युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके प्रमुख कारणों में शारीरिक गतिविधियों की कमी, मोटापा और असंतुलित खानपान शामिल हैं। सॉफ्ट ड्रिंक का अधिक सेवन और मीठे खाद्य पदार्थों का जरूरत से ज्यादा सेवन भी जोखिम बढ़ा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए जा रहे जांच शिविरों में डायबिटीज के नए मरीज सामने आ रहे हैं। डायबिटीज एक दीर्घकालिक बीमारी है, जिसमें रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। समय पर इसकी पहचान और उचित प्रबंधन न होने पर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
विज्ञापन
इनसेट: कैसे होती है डायबिटीज?
हम जो भोजन करते हैं, शरीर उसे ग्लूकोज में बदलता है, जिससे ऊर्जा मिलती है। अग्न्याशय इंसुलिन हार्मोन बनाता है, जो ग्लूकोज को रक्त से कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या उसका सही उपयोग नहीं कर पाता, तो रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है।
इनसेट: डायबिटीज के नुकसान
रक्त में लंबे समय तक शुगर का स्तर बढ़ा रहने से हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है। डायबिटीज के कारण लिवर संबंधी समस्याओं और दांतों की बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है।
इनसेट: ऐसे करें बचाव
सॉफ्ट ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक और मीठे जूस का सेवन सीमित करें।
जरूरत से ज्यादा मीठा खाने से बचें।
संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या व्यायाम करें।
धूम्रपान से दूर रहें।
समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच करवाएं।
कोट
डायबिटीज के प्रमुख कारणों में खराब दिनचर्या और गलत खानपान शामिल हैं। इसके चलते युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक करने के साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविरों के माध्यम से डायबिटीज की जांच कर रहा है।
— डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, सोलन
विज्ञापन
जिले में स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई है मरीजों की जांच, नए मरीज आ रहे सामने
डाक्टरों का तर्क, सॉफ्ट ड्रिंक और खराब जीवन शैली बन रही अब इसका कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बदलती जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों के कारण अब युवा भी डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं। सोलन जिले में डायबिटीज के मरीजों की संख्या 16 हजार के पार पहुंच गई है। इनमें सैकड़ों युवा भी शामिल हैं।
पहले डायबिटीज के मामले मुख्य रूप से 45 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों में सामने आते थे, लेकिन अब 20 से 30 वर्ष की उम्र में भी युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके प्रमुख कारणों में शारीरिक गतिविधियों की कमी, मोटापा और असंतुलित खानपान शामिल हैं। सॉफ्ट ड्रिंक का अधिक सेवन और मीठे खाद्य पदार्थों का जरूरत से ज्यादा सेवन भी जोखिम बढ़ा सकता है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए जा रहे जांच शिविरों में डायबिटीज के नए मरीज सामने आ रहे हैं। डायबिटीज एक दीर्घकालिक बीमारी है, जिसमें रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। समय पर इसकी पहचान और उचित प्रबंधन न होने पर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
विज्ञापन
इनसेट: कैसे होती है डायबिटीज?
हम जो भोजन करते हैं, शरीर उसे ग्लूकोज में बदलता है, जिससे ऊर्जा मिलती है। अग्न्याशय इंसुलिन हार्मोन बनाता है, जो ग्लूकोज को रक्त से कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या उसका सही उपयोग नहीं कर पाता, तो रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है।
इनसेट: डायबिटीज के नुकसान
रक्त में लंबे समय तक शुगर का स्तर बढ़ा रहने से हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है। डायबिटीज के कारण लिवर संबंधी समस्याओं और दांतों की बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है।
इनसेट: ऐसे करें बचाव
सॉफ्ट ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक और मीठे जूस का सेवन सीमित करें।
जरूरत से ज्यादा मीठा खाने से बचें।
संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या व्यायाम करें।
धूम्रपान से दूर रहें।
समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच करवाएं।
कोट
डायबिटीज के प्रमुख कारणों में खराब दिनचर्या और गलत खानपान शामिल हैं। इसके चलते युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक करने के साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविरों के माध्यम से डायबिटीज की जांच कर रहा है।
— डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, सोलन