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केरलम: जज के बेटे से जुड़े हादसे की जांच में लापरवाही बरतने पर कमिश्नर का तबादला, चार पुलिस कर्मी भी सस्पेंड

Wed, 28 Oct 2026 12:36 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Wed, 28 Oct 2026 12:36 PM IST
सार

केरलम के कोच्चि में मर्सिडीज कार की टक्कर से 55 वर्षीय जयबालकृष्णन की मौत के मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे हैं। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने पुलिस की चूक स्वीकार की, जिसके बाद कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर कालीराज महेश कुमार का तबादला कर दिया गया और चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।

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Kochi city Commissioner transferred negligence accident involving judge son four police personnel suspended
कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर कालीराज महेश कुमार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केरलम के कोच्चि में मर्सिडीज कार से हुए जानलेवा हादसे के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के 17 वर्षीय बेटे पर कार चलाने का आरोप है। हादसे में 55 वर्षीय जयबालकृष्णन की मौत हो गई थी। पुलिस की शुरुआती कार्रवाई और नाबालिग को जमानत मिलने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। विवाद गहराने पर सरकार ने कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर कालीराज महेश कुमार का तबादला कर दिया। राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने भी माना कि जांच के शुरुआती दौर में पुलिस से गंभीर चूक हुई थी।

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हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
यह हादसा 25 अक्टूबर को कोच्चि में हुआ था। आरोप है कि मर्सिडीज-बेंज कार ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी, जिससे जयबालकृष्णन की जान चली गई। बताया गया कि कार एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के नाबालिग बेटे चला रहा था। हादसे के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने उसे थाने से जमानत पर छोड़ दिया। इस फैसले से मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। परिवार ने आरोप लगाया कि मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
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जज के घर की तलाशी, सीसीटीवी फुटेज जुटाए
पुलिस कमिश्नर के तबादले से एक दिन पहले मंगलवार को पुलिस ने संबंधित न्यायाधीश के घर की तलाशी ली। इस दौरान जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज भी जुटाए गए। इससे पहले न्यायाधीश को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत आरोपी बनाया गया था। इस प्रावधान के तहत नाबालिग के वाहन चलाकर अपराध करने की स्थिति में उसके अभिभावक या वाहन के पंजीकृत मालिक की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। पीटीआई के मुताबिक, केरल हाई कोर्ट ने सोमवार को न्यायाधीश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की अनुमति दी थी।
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गृह मंत्री ने मानी पुलिस की चूक
मंगलवार को विधानसभा में इस मामले पर बोलते हुए गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि पुलिस शुरुआत में गैर-इरादतन हत्या से जुड़ी उचित कानूनी धाराएं लगाने में नाकाम रही। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से बात की थी। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पी. विजयन को पीड़ित परिवार से मिलने और मामले की जानकारी लेने के लिए कहा गया। अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद लापरवाही के आरोपों पर कार्रवाई की गई।

चार पुलिसकर्मी निलंबित
गृह मंत्री के मुताबिक, मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें एक सर्कल इंस्पेक्टर, एक थाना प्रभारी (एसएचओ), एक सब-इंस्पेक्टर और एक असिस्टेंट सिविल पुलिस ऑफिसर शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर का तबादला भी इसी मामले में उठे सवालों के बीच किया गया है। सरकार ने संकेत दिया है कि जांच में सामने आने वाली कमियों और लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

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दो बार मिली जमानत, विधानसभा में भी हंगामा
हादसे के बाद नाबालिग को पहले थाने से जमानत मिल गई थी। लेकिन परिवार और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद उसे दोबारा हिरासत में लिया गया और किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया। बोर्ड ने उसे फिर जमानत दे दी। गृह मंत्री ने इस बात पर नाराजगी जताई कि पीड़ित के अंतिम संस्कार से पहले ही आरोपी को जमानत दे दी गई। इस मुद्दे पर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।

हादसे पर माकपा नेता राजीव ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
माकपा के वरिष्ठ नेता पी. राजीव ने कोच्चि में हुए जानलेवा मर्सिडीज-बेंज हादसे को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस लोकतांत्रिक तरीके से काम करने में विफल रही है और राजनीतिक दबाव व प्रभाव के चलते आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। 25 अक्टूबर को कथित तौर पर नाबालिग द्वारा चलाई जा रही मर्सिडीज-बेंज की टक्कर से 55 वर्षीय स्कूटर सवार की मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद राजीव ने मामले की जांच में व्यवस्थागत खामियों का आरोप लगाया और मीडिया से यह पता लगाने की अपील की कि हादसे के बाद किन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया था।

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