रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: मिनी कूपर की रफ्तार 162 किमी प्रति घंटा थी, हादसे से एक सेकंड पहले लगाया गया ब्रेक
कोच्चि में तीन युवाओं की मौत के मामले में मिनी कूपर की रफ्तार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बीएमडब्ल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे से पांच सेकंड पहले कार 162 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी। टक्कर से एक सेकंड पहले ब्रेक लगाया गया। आखिर ब्रेक लगाने के बाद भी कार की रफ्तार कितनी थी? क्या सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी रिपोर्ट से हादसे की पूरी कहानी सामने आएगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
कोच्चि के पास तीन बाइक सवारों की जान लेने वाले मिनी कूपर हादसे में कार की रफ्तार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। हादसे से पांच सेकंड पहले कार 162 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी। कार बनाने वाली कंपनी बीएमडब्ल्यू ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, चालक ने दोपहिया वाहन से टक्कर होने से करीब एक सेकंड पहले ब्रेक लगाया था। उस समय भी कार की रफ्तार 144 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इस तकनीकी रिपोर्ट से पुलिस की उस जांच को समर्थन मिला है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार के बहुत तेज रफ्तार में होने की बात सामने आई थी।
पुलिस के मुताबिक, बीएमडब्ल्यू ने हादसे में शामिल मिनी कूपर की जांच की। कंपनी ने कार में लगे एडवांस्ड क्रैश सेफ्टी मॉड्यूल यानी एसीएसएम से मिले आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसी जांच के आधार पर कार की रफ्तार और टक्कर से ठीक पहले चालक की ओर से लगाए गए ब्रेक की जानकारी सामने आई। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में भी कार की तेज रफ्तार का पता चला था। अब कंपनी की तकनीकी जांच ने इन निष्कर्षों की पुष्टि की है। जांच टीम के लिए यह रिपोर्ट अहम सबूत मानी जा रही है, क्योंकि इसमें कार के भीतर दर्ज तकनीकी आंकड़ों के आधार पर हादसे से ठीक पहले की स्थिति समझने में मदद मिली है।
हादसे से पांच सेकंड पहले कितनी थी कार की रफ्तार?
बीएमडब्ल्यू की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे से पांच सेकंड पहले मिनी कूपर की रफ्तार 162 किलोमीटर प्रति घंटा थी। टक्कर से करीब एक सेकंड पहले चालक ने ब्रेक लगाया। उस समय कार 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। यानी ब्रेक लगाने के बाद भी कार की गति बहुत ज्यादा थी। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी टीम पहले ही कार की रफ्तार को लेकर निष्कर्ष पर पहुंच चुकी थी। फुटेज में कार ने केवल 11 सेकंड में करीब 500 मीटर की दूरी तय की थी। अब बीएमडब्ल्यू की रिपोर्ट से पुलिस के इस आकलन को तकनीकी आधार मिला है।
बीएमडब्ल्यू की रिपोर्ट में क्या-क्या जानकारी मिली?
- कार की निर्माता कंपनी बीएमडब्ल्यू ने हादसे में शामिल मिनी कूपर का तकनीकी निरीक्षण किया।
- कंपनी ने कार के एडवांस्ड क्रैश सेफ्टी मॉड्यूल से मिले आंकड़ों का विश्लेषण किया।
- हादसे से पांच सेकंड पहले कार की रफ्तार 162 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
- दोपहिया वाहन से टक्कर से करीब एक सेकंड पहले चालक ने ब्रेक लगाया।
- ब्रेक लगाए जाने के समय कार की रफ्तार 144 किलोमीटर प्रति घंटा थी।
- पुलिस के सीसीटीवी विश्लेषण में सामने आया था कि कार ने 11 सेकंड में 500 मीटर की दूरी तय की थी।
- पुलिस के मुताबिक, बीएमडब्ल्यू की रिपोर्ट ने जांच टीम के तकनीकी निष्कर्षों को समर्थन दिया है।
11 अक्टूबर को कैसे हुआ था तीन लोगों की मौत का हादसा?
यह हादसा 11 अक्टूबर की सुबह कोच्चि के पास नेदुंबस्सेरी में हुआ था। पुलिस के मुताबिक, तेज रफ्तार मिनी कूपर ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। स्कूटर पर दो महिलाएं और एक पुरुष सवार थे। तीनों की उम्र करीब 21 साल थी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि तीनों की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि हादसे के समय कार चला रहा सुहैल नशे में था। इस मामले में सुहैल मुख्य आरोपी है। उसके तीन दोस्तों निनव, अमीर और जोएल को भी आरोपी बनाया गया है। उन पर कथित तौर पर अपराध में मदद करने का आरोप है।
अब पुलिस किन पहलुओं की जांच कर रही है?
पुलिस के मुताबिक, बीएमडब्ल्यू की रिपोर्ट हादसे की जांच में अहम सबूत है। इससे कार की रफ्तार और टक्कर से ठीक पहले चालक की कार्रवाई को समझने में मदद मिलेगी। हालांकि, जांच अभी पूरी नहीं हुई है। पुलिस हादसे की पूरी परिस्थितियों, कार की गति, टक्कर से पहले चालक ने क्या किया और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले की जांच अलुवा के पुलिस उपाधीक्षक बैजू पॉलोस के नेतृत्व में की जा रही है। जिला पुलिस प्रमुख केएस सुदर्शन इसकी निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी सुहैल और उसके तीनों दोस्त फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच पूरी होने के बाद हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की तस्वीर और साफ हो सकेगी।