पीओजेके में पाकिस्तानी सेना की कायराना हरकत: निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर बरसाईं गोलियां, पांच की मौत, 20 घायल
पीओजेके के रावलाकोट में वीरवार को पाकिस्तानी सेना ने संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) कार्यकर्ताओं पर फायरिंग की। इसमें पांच की मौत हो गई और करीब 20 घायल हुए। जेएएसी 38 मांगों को लेकर आंदोलन कर रही थी।
विस्तार
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में जारी आंदोलन एक बार फिर हिंसक टकराव में बदल गया है। जम्मू संभाग के पुंछ जिले से सटे रावलाकोट में वीरवार तड़के करीब 5:00 बजे पाकिस्तानी सेना ने संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के कार्यकर्ताओं को मुख्य बस टर्मिनल से हटाने के दौरान फायरिंग शुरू कर दी। इसमें पांच कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार करीब 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। करीब दो घंटे तक गोलीबारी और झड़प चलती रही। इसे लेकर शहर के दूसरे हिस्सों में तनाव बढ़ गया है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तानी सेना वीरवार तड़के रावलाकोट के मुख्य बस टर्मिनल पहुंची, जहां जेएएसी कार्यकर्ता करीब पांच महीने से धरने पर बैठे थे। सेना ने धरना स्थल पर लगाए गए अवरोध हटाने शुरू किए। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच टकराव शुरू हो गया। इसी बीच सेना ने फायरिंग शुरू कर दी। शाम करीब 5:00 बजे सेना ने धरना स्थल को खाली कराकर बस टर्मिनल को नियंत्रण में लेने का दावा किया है।
सेना ने सीधे निशाना बनाया
जेएएसी के फरहान आबिद ने बताया कि सैनिक तड़के ही धरना स्थल पर पहुंच गए। उनके साथ स्थानीय पुलिस भी थी। सभी ने घेरकर कार्यकर्ताओं पर सीधे गोलीबारी शुरू कर दी। करीब दो घंटे तक गोलीबारी हुई। इसमें पांच लोगों की मौत हुई है। 20 से ज्यादा कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
ड्रोन से भी किया हमला
रावलाकोट में सेना ने प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन से भी हमला किया। इसके बाद फारूक चौक पर भी तनाव बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने एकत्र होकर पाकिस्तान व सेना के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। डी-चौक पर भी पाकिस्तान के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
38 मांगों को लेकर छह महीने से आंदोलन
रावलाकोट में धरना संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में चल रहे व्यापक आंदोलन का हिस्सा है। समिति ने पाकिस्तान सरकार और पीओजेके प्रशासन के समक्ष 38 सूत्री मांगपत्र रखा है। इसमें बिजली की ऊंची दरों से राहत, महंगाई पर नियंत्रण, सस्ता राशन, रोजगार के अवसर बढ़ाने, आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
सरकार ने आंदोलनकारियों की मांगों पर पहल नहीं की। इस बीच पाकिस्तान ने समिति को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया है। प्रदर्शनकारियों और सेना के हमले में मारे गए आंदोलनकारियों को आतंकी बता दिया।
मंगलवार को प्रधानमंत्री ने दिया था शांति का संदेश
पीओजेके के प्रधानमंत्री सैयद इफ्तिखार गिलानी ने मंगलवार को रावलाकोट का दौरा किया था। तब उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। इसके बाद चार नवंबर को उन्होंने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। इसके अगले ही दिन बस टर्मिनल पर धरना हटाने के लिए सेना व स्थानीय पुलिस ने मिलकर आंदोलनकारियों पर फायरिंग कर दी।
पाकिस्तान का गुणगान करने वालों को भाजपा की नसीहत, पीओजेके के हालात देखें...
पाकिस्तान को कश्मीरियों का हितैषी बताने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला और केंद्र सरकार को निशाना बनाने वाली पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को भाजपा ने पीओजेके के हालात से सबक लेने की नसीहत दी है। नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने वीरवार को कहा कि रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग पाकिस्तान की असलियत उजागर करती है। दोनों नेताओं को पीओजेके के हालात देखने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि फारूक और महबूबा अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। भाजपा ऐसा नहीं होने देगी।