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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP: CM Yadav Targets More Than Double Fish Production in 3 Years, Aims to Create 50,000 Jobs

एमपी: सीएम यादव बोले- प्रदेश में तीन साल में दोगुना से ज्यादा होगा मछली उत्पादन, 50 हजार रोजगार का लक्ष्य

Fri, 23 Oct 2026 08:57 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 23 Oct 2026 08:57 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में अगले तीन साल में मछली उत्पादन 4.45 लाख टन से बढ़ाकर 10 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई मत्स्योद्योग नीति-2026 के तहत निवेश बढ़ाने और 50 हजार रोजगार के अवसर सृजित करने की योजना बताई।

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MP: CM Yadav Targets More Than Double Fish Production in 3 Years, Aims to Create 50,000 Jobs
सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री दीप प्रज्जवलित करते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में अगले तीन साल में मछली उत्पादन 4.45 लाख टन से बढ़ाकर 10 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल में नेशनल फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 में इसकी घोषणा की। सरकार का लक्ष्य मत्स्य पालन को निवेश, रोजगार और निर्यात से जोड़कर प्रदेश को इस क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 के तहत प्रदेश में एक लाख नए केज कल्चर स्थापित करने का लक्ष्य है। इसके माध्यम से जलाशयों में आधुनिक तकनीक से मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। रायसेन जिले के बारना जलाशय में पहली बार सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर 500 केज कल्चर की शुरुआत भी की गई।
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मछली पालन से लेकर निर्यात तक मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार मत्स्य पालन को फूड प्रोसेसिंग और एमएसएमई उद्योग से जोड़ेगी। इससे मछली के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, मार्केटिंग और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। निवेशकों को भूमि आवंटन, तकनीकी सहायता और प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे। निवेश और निर्यात से जुड़ी जानकारी के लिए मार्गदर्शिका जारी करने के साथ एक्सपोर्ट पोर्टल की एसओपी का विमोचन किया गया। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने बताया कि मत्स्य क्षेत्र में हर साल 5 हजार करोड़ रुपये का निवेश बढ़ाने और 50 हजार रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है। प्रदेश के 49 जलाशयों में मत्स्य पालन की सुविधाएं विकसित करने की योजना भी बनाई गई है। 
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जलाशयों का होगा बेहतर उपयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के जलस्रोतों का इस्तेमाल पेयजल, सिंचाई, पशुपालन, मछली उत्पादन और जल पर्यटन के लिए किया जाएगा। जल संरक्षण और नए जलाशयों के विकास से मत्स्य पालन को भी फायदा मिलेगा। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल सहित देश-विदेश से आए मत्स्य निर्यातकों, खरीदारों, विक्रेताओं और मछली उत्पादक किसानों ने भाग लिया। केंद्रीय पंचायती राज, पशुपालन और डेयरी मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेकर मध्यप्रदेश को बदलने का संकल्प लिया है। इस आयोजन में मत्स्य पालक, निवेशक और निर्यातक एक मंच पर आए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने मछुआ कल्याण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की। भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक देश है। वर्ष 2014 में देश में मत्स्य उत्पादन मात्र 95.7 लाख टन था, उनके 11 वर्षों के प्रयासों के बाद 106 प्रतिशत की वृद्धि के साथ मत्स्य उत्पादन में 198 लाख टन पर हैं। 
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