Ahoi Ashtami 2026: आज यानी 1 नवंबर 2026, रविवार को अहोई अष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह हिंदू पंचांग के कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है, जिसे अहोई अष्टमी के नाम से जाना जाता है। इस शुभ पर्व पर महिलाएं संतान की सुख-समृद्धि, अच्छी सेहत, लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। साथ ही पूरे विधि-विधान से अहोई माता की पूजा-अर्चना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन अहोई माता की पूजा के साथ तारों को अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है। तारों के दर्शन और उन्हें अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि आज शाम को तारे कितने बजे दिखाई देंगे, चंद्रोदय का समय क्या रहेगा और अहोई अष्टमी की पूजा किस विधि से करनी चाहिए।
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अहोई अष्टमी 2026: अहोई अष्टमी का व्रत आज, जानें शाम को कितने बजे करें तारों की पूजा और क्या रहेगी विधि
Sun, 01 Nov 2026 11:56 AM IST
मेघा कुमारी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा कुमारी
Updated Sun, 01 Nov 2026 11:56 AM IST
सार
Ahoi Ashtami 2026: आज 1 नवंबर 2026 को अहोई अष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं संतान की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को अहोई माता की पूजा के बाद तारों को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। आइए जानें तारों के दर्शन का समय, चंद्रोदय और पूजा विधि।
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अहोई अष्टमी 2026
- फोटो : अमर उजाला AI
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अहोई अष्टमी 2026
- फोटो : Amar Ujala
अहोई अष्टमी पर तारों के दर्शन और चंद्रोदय का समय
- पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:36 बजे से 6:54 बजे तक
- तारों को अर्घ्य देने का समय: शाम करीब 6 बजे
- चंद्रोदय का समय: रात करीब 11:40 बजे
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अहोई अष्टमी 2026
- फोटो : AI
अहोई अष्टमी 2026 पूजा विधि
- अहोई अष्टमी के दिन पूजा स्थल पर अहोई माता की तस्वीर या चित्र स्थापित करें।
- शाम के समय शुभ मुहूर्त में अहोई माता की पूजा करें।
- माता के सामने घी का दीपक जलाएं और फूल, फल, मिठाई सहित पूजा की अन्य सामग्री अर्पित करें।
- इसके बाद अहोई अष्टमी की व्रत कथा का श्रद्धापूर्वक पाठ करें और माता से संतान की सुख-समृद्धि की कामना करें।
- शाम को तारे दिखाई देने के बाद उन्हें जल से अर्घ्य दें।
- इस दौरान संतान की लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना करें।
- तारों को अर्घ्य देने के बाद अहोई माता का ध्यान करें और परिवार की सुख-शांति एवं संतान के मंगलमय जीवन की कामना करें।
- पूजा संपन्न होने के बाद व्रत का पारण करें।
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अहोई अष्टमी 2026
- फोटो : freepik
01 नवंबर 2026, रविवार के दिन का चौघड़िया
उद्वेग- 06:36 - 07:57
चर -07:57 - 09:19
लाभ- 09:19 - 10:41
अमृत -10:41 - 12:03
काल -12:03 - 13:25
शुभ- 13:25 - 14:47
रोग - 14:47 - 16:09
उद्वेग- 16:09 - 17:31
01 नवंबर 2026, रविवार की रात का चौघड़िया
शुभ- 17:31 - 19:09
अमृत- 19:09 - 20:47
चर - 20:47 - 22:25
रोग -22:25 - 00:04, 02 नवंबर
काल - 00:04 - 01:42, 02 नवंबर
लाभ - 01:42 - 03:20, 02 नवंबर
उद्वेग- 03:20 - 04:58, 02 नवंबर
शुभ- 04:58 - 06:36, 02 नवंबर
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
उद्वेग- 06:36 - 07:57
चर -07:57 - 09:19
लाभ- 09:19 - 10:41
अमृत -10:41 - 12:03
काल -12:03 - 13:25
शुभ- 13:25 - 14:47
रोग - 14:47 - 16:09
उद्वेग- 16:09 - 17:31
01 नवंबर 2026, रविवार की रात का चौघड़िया
शुभ- 17:31 - 19:09
अमृत- 19:09 - 20:47
चर - 20:47 - 22:25
रोग -22:25 - 00:04, 02 नवंबर
काल - 00:04 - 01:42, 02 नवंबर
लाभ - 01:42 - 03:20, 02 नवंबर
उद्वेग- 03:20 - 04:58, 02 नवंबर
शुभ- 04:58 - 06:36, 02 नवंबर
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।