बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक चुनाव में विधायक चुनने के लिए शुक्रवार को मुरादाबाद जिले के शिक्षकों में उत्साह देखने को मिला। मुरादाबाद जिले में 75.31 प्रतिशत मतदान हुआ। जिले के 5796 शिक्षकों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। सबसे ज्यादा 87.79 फीसदी मतदान डिलारी और सबसे कम 66.34 प्रतिशत मतदान मुरादाबाद ब्लॉक हुआ।
1900 शिक्षक मतदान से दूर रहे। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक चुनाव के लिए जिले के कुल 7696 शिक्षक मतदाताओं के लिए 12 बूथ बनाए गए थे। इसमें सदर तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक सात बूथ, बिलारी, ठाकुरद्वारा में दो-दो और कांठ तहसील में एक बूथ शामिल रहे।
2 of 10
MLC Election Moradabad
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान हुआ। इस मतदान को लेकर शिक्षकों को खासा उत्साह देखने को मिला। शहर के मंडी समिति, मुरादाबाद ब्लॉक और सदर तहसील परिसर में बने बूथों पर शिक्षकों की कतार देखने को मिली। दोपहर तक वोट डालने के लिए शिक्षक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
3 of 10
MLC Election Moradabad
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाम चार बजे तक जिले के 12 बूथों पर 5796 शिक्षकों ने मतदान किया। जो कुल मतों का 75.31 प्रतिशत है। इसमें 77.79 फीसदी पुरुष और 72.34 फीसदी महिलाएं रहीं। 1900 शिक्षकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा ब्लॉक डिलारी में बने बूथ पर वोट पड़े। यहां 87.79 फीसदी वोट डाले गए। जबकि सबसे कम 66.34 प्रतिशत वोट ब्लॉक मुरादाबाद के बूथ पर डाले गए।
4 of 10
MLC Election Moradabad
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी समिति और मुरादाबाद ब्लॉक में महिलाएं आगे
शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर महिला वोटर उत्साहित रहीं। 12 में दो बूथों पर मतदान में महिलाएं पुरुषों से आगे रहीं। मंडी समिति में बने बूथ पर 80.91 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया। जबकि पुरुषों की संख्या 77.7 फीसदी रही। ऐसे ही मुरादाबाद ब्लॉक में बने बूथ पर भी मतदान करने में 71.83 फीसदी महिलाएं और 61.02 फीसदी पुरुष रहे।
5 of 10
MLC Election Moradabad
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चुनाव में वोट चोरी का आरोप, सपा ने उठाई चुनाव रद्द करने की मांग
शिक्षक एमएलसी चुनाव में डबल वोट और फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से शिकायत की है। उन्होंने चुनाव रद्द करने और कथित फर्जीवाड़े में शामिल अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।