मानव तस्करी: अलीगढ़ में कालका मेल एक्सप्रेस से बिहार से लाए जा रहे 12 बच्चे मुक्त कराए, एक संदिग्ध भी दबोचा
बच्चों के साथ पकड़े गए संदिग्ध से आरपीएफ, जीआरपी की टीम लगातार पूछताछ करने में जुटी हुई है। हालांकि पकड़ा गया व्यक्ति अजय टीमों को गुमराह कर रहा है। इसको लेकर बच्चों व पकड़े गए व्यक्ति से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। इसके बाद ही सही स्थिति सामने आ सकेगी।
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बिहार-गया से दिल्ली जा रही गाड़ी संख्या 12311 कालका मेल ( नेताजी एक्सप्रेस ) से रविवार देर शाम 12 बच्चों को मानव तस्करी के शक में अलीगढ़ अलीगढ़ स्टेशन पर मुक्त कराया गया है। सभी बच्चे बिहार के गया जिले के रहने वाले हैं। करनाल हरियाणा के एनलीओ एक्सीलेंट सिविल एकेडमी के कार्यकर्ताओं के सहयोग से हुई इस कार्रवाई में एक संदिग्ध व्यक्ति को भी दबोचा गया है, जिसे मानव तस्कर बताया जा रहा है। हालांकि जीआपी उससे अभी पूछताछ कर रही है। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि बच्चे दिल्ली में मजदूरी करने जा रहे थे।
एक्सीलेंट सिविल एकेडमी एनजीओ से अलीगढ़ व हाथरस में जुड़े कार्यकर्ता प्रवेंद्र शर्मा, कुवेंद्र ठाकुर व योगेश पचाैरी को ट्रेन में बच्चों के जाने की सूचना मिली। इस पर वे स्टेशन पर पहुंच गए। उन्होंने आरपीएफ व जीआरपी थाने में इसकी सूचना दी तो टीम अलर्ट हो गई। शाम करीब साढ़े छह बजे कालका मेल एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंची। जहां आरपीएफ- जीआरपी व एनजीओ की संयुक्त टीम ने ट्रेन के कोच संख्या एस- 1, 2 व 3 से कुल 12 बच्चों को उतारा।
जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि बच्चों के आसपास बैठे एक संदिग्ध व्यक्ति अजय को भी हिरासत में लिया गया है। जो खुद को कुछ बच्चों का माैसा होना बता रहा है। सभी बच्चे बिहार के गया जिले के रहने वाले हैं। इनमे से 10 बच्चों की उम्र 12 से 16 वर्ष के बीच है। बच्चों ने पूछताछ में खुद को परिजनों की मर्जी से दिल्ली में जाकर मेहनत मजदूरी करने की बात कही है। इनमें प्रत्येक को हर महीने मजदूरी के बदले पांच से आठ हजार रुपये दिलाने की बात तय हुई है।
हालांकि बच्चों को इस कदर सिखाकर लाया गया है कि वह हर सवाल का जवाब तो दे रहे हैं, लेकिन, स्पष्ट कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। बच्चों के परिजनों से संपर्क किया गया है और उन्हें अलीगढ़ बुलवाया जा रहा है। इसके बाद सही स्थिति सामने आएगी। फिलहाल सभी बच्चों को चाइल्ड लाइन की टीम के सुपुर्द किया जा रहा है, जिन्हें सोमवार को बाल न्यायालय में पेश किया जाएगा।
मानव तस्कर गिरोह के शामिल होने की आशंका
बच्चों के साथ पकड़े गए संदिग्ध से आरपीएफ, जीआरपी की टीम लगातार पूछताछ करने में जुटी हुई है। हालांकि पकड़ा गया व्यक्ति अजय टीमों को गुमराह कर रहा है। इसको लेकर बच्चों व पकड़े गए व्यक्ति से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। इसके बाद ही सही स्थिति सामने आ सकेगी। आशंका व्यक्त की जा रही है कि कोई ऐसा बड़ा गिरोह सक्रिय है जो ट्रेनों के जरिए मानव तस्करी में लिप्त है।
गिरोह के सदस्य लगातार बाल श्रम कराने की खातिर बच्चों को दिल्ली एनसीआर के अलावा हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों को ले जा रहे हैं। अधिकांश बच्चों का एक ही रटा-रटाया जबाव था कि वो अपने पिता या मामा के पास दिल्ली जा रहे थे। दिल्ली में कहां रहते हैं ? कोई मोबाइल नंबर है ? जैसे सवालों पर बच्चे इधर-उधर बगलें झांक रहे थे। बच्चे भी अपने विषय में अधिक नहीं बता पा रहे थे। देर रात तक बच्चों से अलग-अलग पूछताछ जारी थी।