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Ambedkar Nagar News: पराली जलाने पर 30 हजार रुपये तक जुर्माना, टोल फ्री नंबर जारी
Fri, 30 Oct 2026 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:37 PM IST
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अंबेडकरनगर। खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। अब पराली जलाने पर किसानों से पांच हजार से लेकर 30 हजार रुपये तक पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर टोल फ्री नंबर 9151701626 जारी किया गया है। पराली जलाने की सूचना इस नंबर पर दी जा सकेगी। वहीं, बिना एसएमएस (सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) के कम्बाइन हारवेस्टर चलाने पर उसे सीज करने के साथ अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ईशा प्रिया और सीडीओ वैभव मिश्रा की उपस्थिति में कंबाइन हारवेस्टर संचालकों, कृषक उत्पादक संगठनों, सीएचसी, एफएमबी लाभार्थियों और प्रगतिशील किसानों की बैठक हुई। डीएम ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं को किसी भी दशा में बर्दाश्त न किया जाए।
डीएम ने बताया कि पराली जलाने पर खेत के क्षेत्रफल के आधार पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। दो एकड़ से कम क्षेत्रफल में पराली जलाने पर पांच हजार रुपये, दो से पांच एकड़ तक दस हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में पराली जलाने पर 30 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देनी होगी। सभी अधिकारियों को गांव, ग्रामसभा, ब्लॉक, थाना, तहसील और जिला स्तर पर चौपाल, गोष्ठी और किसान दिवस आयोजित कर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
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पराली का होगा उपयोग, किसानों को मिलेगा उचित मूल्य
सीडीओ वैभव मिश्रा ने सभी खंड विकास अधिकारियों, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से किसानों से पराली प्राप्त की जाए। इसे नजदीकी सीबीजी प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए, ताकि पराली का उपयोग हो सके और बदले में किसानों को उचित मूल्य भी मिल सके। उप कृषि निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने कृषक उत्पादक संगठनों से अपील की कि वे अधिक से अधिक किसानों को जागरूक कर पराली एकत्र करें और उसे गोशालाओं में दान करने के लिए प्रोत्साहित करें।
अपर निदेशक (बेसिक), अयोध्या मंडल कौस्तुभ सिंह, डीडीओ सविता सिंह, डीपीआरओ उपेंद्र पांडेय, डीसीओ एसएल यादव, सीवीओ डॉ. अरविंद कुमार सिंह समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
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शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ईशा प्रिया और सीडीओ वैभव मिश्रा की उपस्थिति में कंबाइन हारवेस्टर संचालकों, कृषक उत्पादक संगठनों, सीएचसी, एफएमबी लाभार्थियों और प्रगतिशील किसानों की बैठक हुई। डीएम ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं को किसी भी दशा में बर्दाश्त न किया जाए।
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डीएम ने बताया कि पराली जलाने पर खेत के क्षेत्रफल के आधार पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। दो एकड़ से कम क्षेत्रफल में पराली जलाने पर पांच हजार रुपये, दो से पांच एकड़ तक दस हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में पराली जलाने पर 30 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देनी होगी। सभी अधिकारियों को गांव, ग्रामसभा, ब्लॉक, थाना, तहसील और जिला स्तर पर चौपाल, गोष्ठी और किसान दिवस आयोजित कर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
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पराली का होगा उपयोग, किसानों को मिलेगा उचित मूल्य
सीडीओ वैभव मिश्रा ने सभी खंड विकास अधिकारियों, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से किसानों से पराली प्राप्त की जाए। इसे नजदीकी सीबीजी प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए, ताकि पराली का उपयोग हो सके और बदले में किसानों को उचित मूल्य भी मिल सके। उप कृषि निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने कृषक उत्पादक संगठनों से अपील की कि वे अधिक से अधिक किसानों को जागरूक कर पराली एकत्र करें और उसे गोशालाओं में दान करने के लिए प्रोत्साहित करें।
अपर निदेशक (बेसिक), अयोध्या मंडल कौस्तुभ सिंह, डीडीओ सविता सिंह, डीपीआरओ उपेंद्र पांडेय, डीसीओ एसएल यादव, सीवीओ डॉ. अरविंद कुमार सिंह समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।