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यूपी: 'राम और बुद्ध सांस्कृतिक धरोहर', डिप्टी सीएम बोले- अयोध्या, काशी और मथुरा की तर्ज पर विकसित होगा संकिसा
Mon, 26 Oct 2026 07:45 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनुपरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनुपरी
Published by: Arun Parashar
Updated Mon, 26 Oct 2026 07:45 PM IST
सार
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद माैर्य ने कहा कि देशवासियों के अंतर्मन में किसी प्रकार का विरोधाभास नहीं होना चाहिए, क्योंकि हमारे लिए भगवान श्रीराम और तथागत भगवान बुद्ध दोनों ही समान रूप से पूज्य और साझी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार डबल इंजन की सरकार ने अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि स्थल का विकास किया है, उसी प्रकार संकिसा सहित उत्तर प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश में स्थित सभी बाैद्ध तीर्थ स्थलों का सर्वांगीण विकास किया जाएगा।
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अभिधम्म दिवस महोत्सव में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने की शिरकत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
अयोध्या, काशी और मथुरा की तर्ज पर संकिसा का समग्र एवं सुनियोजित विकास कराया जाएगा। मैनपुरी और फर्रुखाबाद जिलों के समन्वय से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। संकिसा में पाली शोध संस्थान और विशाल विपश्यना ध्यान केंद्र की स्थापना के साथ ही संकिसा मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। यह घोषणा सोमवार को जसराजपुर संकिसा में आयोजित अभिधम्म दिवस महोत्सव में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने की।
उन्होंने कहा कि संकिसा भगवान बुद्ध से जुड़े देश के आठ प्रमुख पवित्र तीर्थ स्थलों में विशिष्ट स्थान रखता है। तथागत बुद्ध ने पूरी मानवता को करुणा, दया, अहिंसा और शांति का संदेश दिया। उनके विचार भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक हैं। संकिसा के विकास के लिए जनता की अपेक्षाओं से आगे बढ़कर कार्य करने का प्रयास किया जाएगा। इस ऐतिहासिक स्थल की वैश्विक पहचान और मजबूत हो सके। उप मुख्यमंत्री ने संकिसा में पाली शोध संस्थान और विपश्यना ध्यान केंद्र की स्थापना की मांग पर कहा कि यह जनता की मांग भर नहीं बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोनों जिलों के समन्वय से विकास की विस्तृत योजना तैयार कर उसे धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि संकिसा भगवान बुद्ध से जुड़े देश के आठ प्रमुख पवित्र तीर्थ स्थलों में विशिष्ट स्थान रखता है। तथागत बुद्ध ने पूरी मानवता को करुणा, दया, अहिंसा और शांति का संदेश दिया। उनके विचार भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक हैं। संकिसा के विकास के लिए जनता की अपेक्षाओं से आगे बढ़कर कार्य करने का प्रयास किया जाएगा। इस ऐतिहासिक स्थल की वैश्विक पहचान और मजबूत हो सके। उप मुख्यमंत्री ने संकिसा में पाली शोध संस्थान और विपश्यना ध्यान केंद्र की स्थापना की मांग पर कहा कि यह जनता की मांग भर नहीं बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोनों जिलों के समन्वय से विकास की विस्तृत योजना तैयार कर उसे धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।
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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद माैर्य।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'प्रधानमंत्री कर रहे बुद्ध के अनुयायी के रूप में कार्य'
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान समय में तथागत भगवान बुद्ध के सबसे बड़े अनुयायी के रूप में कार्य कर रहे हैं, उन्होंने यह सिद्ध करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े मंच संयुक्त राष्ट्र संघ से पूरी दुनिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने गौरव के साथ कहा था कि भारत ने संसार को युद्ध और अशांति नहीं दी, बल्कि पूरे विश्व को तथागत भगवान बुद्ध का शांति मार्ग दिया है। उन्होंने स्वयं को उसी वंश परंपरा से जुड़ा बताते हुए अत्यंत गौरव प्रकट किया, जिसमें महान सम्राट अशोक जैसे शासक हुए, जिन्होंने बौद्ध धर्म के कल्याणकारी विचारों का विस्तार भारत ही नहीं बल्कि समूचे विश्व में किया। उन्होंने कहा कि उस कालखंड में सम्राट अशोक के शासन का इतना व्यापक विस्तार इसलिए हुआ, क्योंकि वह सबका साथ, सबका विकास की मूल भावना पर आधारित था। आज लोकतांत्रिक भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उसी मार्ग पर चलकर बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देशवासियों के अंतर्मन में किसी प्रकार का विरोधाभास नहीं होना चाहिए, क्योंकि हमारे लिए भगवान श्रीराम और तथागत भगवान बुद्ध दोनों ही समान रूप से पूज्य और साझी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार डबल इंजन की सरकार ने अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि स्थल का विकास किया है, उसी प्रकार संकिसा सहित उत्तर प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश में स्थित सभी बौद्ध तीर्थ स्थलों का सर्वांगीण विकास किया जाएगा। उन्होने विश्वास दिलाया कि जैसे अयोध्या, मथुरा, काशी और प्रयागराज का कायाकल्प हो रहा है, ठीक उसी तर्ज पर बौद्ध तीर्थ स्थलों के विकास के लिए सरकार के पास स्पष्ट रोडमैप और दृढ़ इच्छाशक्ति मौजूद है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान समय में तथागत भगवान बुद्ध के सबसे बड़े अनुयायी के रूप में कार्य कर रहे हैं, उन्होंने यह सिद्ध करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े मंच संयुक्त राष्ट्र संघ से पूरी दुनिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने गौरव के साथ कहा था कि भारत ने संसार को युद्ध और अशांति नहीं दी, बल्कि पूरे विश्व को तथागत भगवान बुद्ध का शांति मार्ग दिया है। उन्होंने स्वयं को उसी वंश परंपरा से जुड़ा बताते हुए अत्यंत गौरव प्रकट किया, जिसमें महान सम्राट अशोक जैसे शासक हुए, जिन्होंने बौद्ध धर्म के कल्याणकारी विचारों का विस्तार भारत ही नहीं बल्कि समूचे विश्व में किया। उन्होंने कहा कि उस कालखंड में सम्राट अशोक के शासन का इतना व्यापक विस्तार इसलिए हुआ, क्योंकि वह सबका साथ, सबका विकास की मूल भावना पर आधारित था। आज लोकतांत्रिक भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उसी मार्ग पर चलकर बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देशवासियों के अंतर्मन में किसी प्रकार का विरोधाभास नहीं होना चाहिए, क्योंकि हमारे लिए भगवान श्रीराम और तथागत भगवान बुद्ध दोनों ही समान रूप से पूज्य और साझी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार डबल इंजन की सरकार ने अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि स्थल का विकास किया है, उसी प्रकार संकिसा सहित उत्तर प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश में स्थित सभी बौद्ध तीर्थ स्थलों का सर्वांगीण विकास किया जाएगा। उन्होने विश्वास दिलाया कि जैसे अयोध्या, मथुरा, काशी और प्रयागराज का कायाकल्प हो रहा है, ठीक उसी तर्ज पर बौद्ध तीर्थ स्थलों के विकास के लिए सरकार के पास स्पष्ट रोडमैप और दृढ़ इच्छाशक्ति मौजूद है।
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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद माैर्य।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विशाल विपश्यना केंद्र का हो रहा निर्माण
बौद्ध सर्किट के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके गृह जनपद कौशांबी में एक विशाल विपश्यना केंद्र का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है, इसके अतिरिक्त कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन शुरू होने के साथ ही विश्व स्तरीय अवस्थापना सुविधाएं जुटाई गई हैं, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर के पिपरहवा स्तूप क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर पर्यटन विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था, उस बिहार के बोधगया का विकास भी सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बोधगया के उपरांत अब सारनाथ, जहां तथागत बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था, उसे भी यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित किया गया है, जो हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है।
ये रहे माैजूद
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवेश कुमार राम, हरदोई सांसद अशोक रावत, हाथरस सांसद पूर्व राज्यमंत्री अनूप वाल्मीकि, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के सदस्य तरुनेश, महोत्सव के आयोजक सुरेश चंद्र बौद्ध, ग्लोबल बुद्धिस्ट फोरम के सुब्रतो बरुआ, यूथ बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया (वाईबीएस) के समस्त पदाधिकारी, पूर्व सांसद रघुराज शाक्य, पूर्व विधायक ममतेश शाक्य, पैक्सफेड के चेयरमैन प्रेम सिंह शाक्य, क्षेत्रीय मंत्री वीरेंद्र शाक्य, अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विशाल वाल्मीकि, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा, जापान से विशेष रूप से पधारे पूज्य भंते सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ उपासक, प्रबुद्ध नागरिक, पूज्य भिक्षुगण आदि उपस्थित रहे।
बौद्ध सर्किट के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके गृह जनपद कौशांबी में एक विशाल विपश्यना केंद्र का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है, इसके अतिरिक्त कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन शुरू होने के साथ ही विश्व स्तरीय अवस्थापना सुविधाएं जुटाई गई हैं, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर के पिपरहवा स्तूप क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर पर्यटन विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था, उस बिहार के बोधगया का विकास भी सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बोधगया के उपरांत अब सारनाथ, जहां तथागत बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था, उसे भी यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित किया गया है, जो हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है।
ये रहे माैजूद
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवेश कुमार राम, हरदोई सांसद अशोक रावत, हाथरस सांसद पूर्व राज्यमंत्री अनूप वाल्मीकि, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के सदस्य तरुनेश, महोत्सव के आयोजक सुरेश चंद्र बौद्ध, ग्लोबल बुद्धिस्ट फोरम के सुब्रतो बरुआ, यूथ बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया (वाईबीएस) के समस्त पदाधिकारी, पूर्व सांसद रघुराज शाक्य, पूर्व विधायक ममतेश शाक्य, पैक्सफेड के चेयरमैन प्रेम सिंह शाक्य, क्षेत्रीय मंत्री वीरेंद्र शाक्य, अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विशाल वाल्मीकि, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा, जापान से विशेष रूप से पधारे पूज्य भंते सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ उपासक, प्रबुद्ध नागरिक, पूज्य भिक्षुगण आदि उपस्थित रहे।