शाहजहांपुर: राज्यपाल ने लाइब्रेरी का किया लोकार्पण, कहा- शोध, तकनीक और नवाचार में आगे बढ़ें विद्यार्थी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मंगलवार को शाहजहांपुर दौरे पर रहीं। उन्होंने स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में लाइब्रेरी का लोकार्पण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद किया। इसके बाद समीक्षा बैठक की।
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राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को शाहजहांपुर के स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में एक पुस्तकालय और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी सेल) का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से संवाद किया।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष तकनीक और शोध के नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक जीवन में उतारना भी है।
राज्यपाल ने प्रवेश और अन्य प्रशासनिक कार्य समयबद्ध ढंग से कराने के साथ परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता पर भी जोर दिया। उन्होंने कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन और उनके अभिभावकों से संवाद करने की जरूरत बताई। विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक रहने को जरूरी बताया। उन्होंने विज्ञान प्रयोगशालाओं में विद्यार्थियों से बातचीत की और उनके प्रयोगों की जानकारी ली।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की भावना से कार्य करें। इस दौरान उन्होंने तीन पुस्तकों का विमोचन किया और विश्वविद्यालय परिसर में पौधे लगाए।
राज्यपाल सुबह 10:15 बजे विश्वविद्यालय पहुंचीं। राज्यपाल के आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विश्वविद्यालय के बाहर एक किलोमीटर तक रास्ता बंद कर दिया गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। देर से आए छात्र-छात्राओं को पहले प्रवेश नहीं मिला, लेकिन हंगामे की आशंका में पुलिस ने उन्हें प्रवेश दे दिया।
एक किमी तक रास्ता बंद
राज्यपाल के आगमन को देखते हुए सुबह से ही विश्वविद्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की गई थी। कई जगह बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता रोका गया था। एक किलोमीटर तक रास्ता बंद होने से आम लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। छात्र-छात्राओं को भी प्रवेश के लिए इंतजार करना पड़ा।