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धनतेरस से पहले महामुहूर्त: कल रवि पुष्य नक्षत्र, इसका पुण्य अक्षय तृतीया जैसा, खरीदारी के लिए सर्वश्रेष्ठ
Sat, 31 Oct 2026 05:02 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Sat, 31 Oct 2026 05:02 AM IST
सार
एक नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र है। यह अक्षय तृतीया के मुहूर्त जितना खास है। ऐसे में जो मर्जी खरीदें, घर-परिवार में लंबे समय तक खुशियां आएंगी। एक नवंबर को सुबह 10:37 बजे से दो नवंबर की सुबह 9.04 बजे तक अबूझ मुहूर्त होगा।
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रवि पुष्य नक्षत्र पर करें खरीदारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक नवंबर को पड़ रहा रवि पुष्य नक्षत्र का मुहूर्त अक्षय तृतीया जितना ही बहुत खास होने वाला है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक रविवार की सुबह 10:37 से लेकर अगले दिन दो नवंबर को सुबह 9.04 बजे तक जो मर्जी, वो खरीदें, इससे घर-परिवार में लंबे समय के लिए खुशहाली आएगी। खासतौर से उनके लिए जो किसी रस्म या शादी की खरीदारी करने जा रहे हैं।
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति और ज्योतिषाचार्य प्रो. बिहारी लाल शर्मा बताते हैं कि रवि पुष्य अबूझ मुहूर्त है। ऐसे मुहूर्त अक्षय तृतीया और भटली नवमी भी होते हैं। इस दिन सोना-चांदी, घर, जमीन और गाड़ी खरीदना अच्छा है। स्थायी समृद्धि के लिए रवि पुष्य में खरीदारी अद्भुत लाभ देती है।
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बीएचयू में ज्योतिष विभाग के ज्योतिषाचार्य प्रो. सुभाष पांडेय के मुताबिक एक नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र पर घर की साज-सज्जा और नए कपड़े खरीदने का सबसे उत्तम मुहूर्त है। इससे घर में समृद्धि और काम में स्थायित्व होगा। हालांकि चार नवंबर को आभूषण खरीदने का मुहूर्त बन रहा है। वहीं छह नवंबर को धनतेरस पर चांदी, सोना और पीतल के बर्तन खरीदने का बेहतर मुहूर्त तय किया गया है।
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अशुभ काल में खरीदने पर होता है नुकसान
प्रो. पांडेय ने बताया कि प्रो. पांडेय के अनुसार, इंसान के जीवन में शरद ऋतु या ठंड के समय खरीद करना काफी उत्तम माना गया है। यह काल 21 अक्तूबर के बाद से ही शुरू हो चुका है जो कि दीपावली और बनारस में देव दीपावली तक चलेगा। ज्योतिष शास्त्र में तिथि, वार, नक्षत्र, योग से शुभ काल (मुहूर्त) तय करने की बात कही गई है। दरअसल, भौतिक या आध्यात्मिक जीवन में शुभ समय का बहुत बड़ा महत्व है। जिस तरह अनुष्ठानों में शुभ मुहूर्त की जरूरत होती है वैसे ही भौतिक वस्तुओं को शुभ मुहूर्त में खरीदने पर उसका स्थायित्व बढ़ जाता है। अशुभ काल में खरीदने पर नुकसान हो सकता है।
प्रो. पांडेय ने बताया कि प्रो. पांडेय के अनुसार, इंसान के जीवन में शरद ऋतु या ठंड के समय खरीद करना काफी उत्तम माना गया है। यह काल 21 अक्तूबर के बाद से ही शुरू हो चुका है जो कि दीपावली और बनारस में देव दीपावली तक चलेगा। ज्योतिष शास्त्र में तिथि, वार, नक्षत्र, योग से शुभ काल (मुहूर्त) तय करने की बात कही गई है। दरअसल, भौतिक या आध्यात्मिक जीवन में शुभ समय का बहुत बड़ा महत्व है। जिस तरह अनुष्ठानों में शुभ मुहूर्त की जरूरत होती है वैसे ही भौतिक वस्तुओं को शुभ मुहूर्त में खरीदने पर उसका स्थायित्व बढ़ जाता है। अशुभ काल में खरीदने पर नुकसान हो सकता है।
सुबह 10:37 से शुरू होगा रवि पुष्य योग
रवि पुष्य योग एक नवंबर को सुबह 10:37 से दो नवंबर को सुबह 09.04 तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग एक को सुबह 06:33 से दो को सुबह 04:30 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:42 से 12:27 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 05:36 बजे से 06:02 बजे तक रहेगा। इस नक्षत्र पर बृहस्पति, शनि और चंद्रमा का प्रभाव होता है।
रवि पुष्य योग एक नवंबर को सुबह 10:37 से दो नवंबर को सुबह 09.04 तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग एक को सुबह 06:33 से दो को सुबह 04:30 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:42 से 12:27 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 05:36 बजे से 06:02 बजे तक रहेगा। इस नक्षत्र पर बृहस्पति, शनि और चंद्रमा का प्रभाव होता है।