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हेलिकॉप्टर हादसा : सभी छह लोगों के शव निकाले
Sun, 01 Nov 2026 07:31 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 01 Nov 2026 07:31 PM IST
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फोटो
100 से अधिक जवानों ने दो दिन तक चलाया रेस्क्यू अभियान, एम्स से जौलीग्रांट भेजे गए शव
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र से क्षत-विक्षत शवों को सड़क तक पहुंचाना बना रहा चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मृत सभी छह लोगों के शवों को निकाल लिया गया है। रविवार को सभी शवों को पोस्टमार्टम और पहचान संबंधी प्रक्रिया के लिए पहले एम्स ऋषिकेश भेजा गया। इसके बाद सभी शव जौलीग्रांट देहरादून भेज दिए गए। 100 से अधिक जवानों ने दो दिनों तक अभियान चलाकर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र से शवों को सड़क तक पहुंचाया।
बदरीनाथ धाम से तीर्थयात्रियों को लेकर सहस्रधारा हेलिपैड जा रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर शुक्रवार दोपहर हाथी पहाड़ के शीर्ष पर चांई गांव और लामबगड़ के बीच चट्टान से टकराकर खाई में जा गिरा था और पायलट समेत छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। शुक्रवार को सेना की टीम मौके पर पहुंची लेकिन खराब मौसम और अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा। शनिवार सुबह करीब पांच बजे सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया। 100 से अधिक जवानों ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचकर क्षत-विक्षत शवों को निकालने का काम किया। रविवार सुबह 4:40 बजे सभी छह शवों को तोली नाले तक पहुंचाया गया। यहां से वाहनों के जरिये शव ज्योतिर्मठ लाए गए। वहीं एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ट ने बताया कि सभी शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ के शवगृह में लाया गया। इसके बाद पोस्टमार्टम और पहचान संबंधी प्रक्रिया के लिए हेलिकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश भेज दिए गए। दूसरी ओर शवों को एम्स ऋषिकेश से जौलीग्रांट देहरादून भेज दिया गया।
इंसेट
घटनास्थल के लिए रवाना हुई डीजीसीए की टीम
हेलिकॉप्टर दुर्घटना की जांच के लिए डीजीसीए की टीम रविवार को घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम शनिवार को पांडुकेश्वर पहुंच गई थी। प्रशासन की ओर से टीम के साथ स्थानीय पोर्टरों की व्यवस्था की गई जो दुर्गम क्षेत्र में सामान पहुंचाने और रास्ता दिखाने में मदद करेंगे। टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच करेगी।
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100 से अधिक जवानों ने दो दिन तक चलाया रेस्क्यू अभियान, एम्स से जौलीग्रांट भेजे गए शव
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र से क्षत-विक्षत शवों को सड़क तक पहुंचाना बना रहा चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मृत सभी छह लोगों के शवों को निकाल लिया गया है। रविवार को सभी शवों को पोस्टमार्टम और पहचान संबंधी प्रक्रिया के लिए पहले एम्स ऋषिकेश भेजा गया। इसके बाद सभी शव जौलीग्रांट देहरादून भेज दिए गए। 100 से अधिक जवानों ने दो दिनों तक अभियान चलाकर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र से शवों को सड़क तक पहुंचाया।
बदरीनाथ धाम से तीर्थयात्रियों को लेकर सहस्रधारा हेलिपैड जा रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर शुक्रवार दोपहर हाथी पहाड़ के शीर्ष पर चांई गांव और लामबगड़ के बीच चट्टान से टकराकर खाई में जा गिरा था और पायलट समेत छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। शुक्रवार को सेना की टीम मौके पर पहुंची लेकिन खराब मौसम और अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा। शनिवार सुबह करीब पांच बजे सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया। 100 से अधिक जवानों ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचकर क्षत-विक्षत शवों को निकालने का काम किया। रविवार सुबह 4:40 बजे सभी छह शवों को तोली नाले तक पहुंचाया गया। यहां से वाहनों के जरिये शव ज्योतिर्मठ लाए गए। वहीं एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ट ने बताया कि सभी शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ के शवगृह में लाया गया। इसके बाद पोस्टमार्टम और पहचान संबंधी प्रक्रिया के लिए हेलिकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश भेज दिए गए। दूसरी ओर शवों को एम्स ऋषिकेश से जौलीग्रांट देहरादून भेज दिया गया।
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घटनास्थल के लिए रवाना हुई डीजीसीए की टीम
हेलिकॉप्टर दुर्घटना की जांच के लिए डीजीसीए की टीम रविवार को घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम शनिवार को पांडुकेश्वर पहुंच गई थी। प्रशासन की ओर से टीम के साथ स्थानीय पोर्टरों की व्यवस्था की गई जो दुर्गम क्षेत्र में सामान पहुंचाने और रास्ता दिखाने में मदद करेंगे। टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच करेगी।
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