निमाड़ अंचल में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ खंडवा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने हथियारों की सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य सप्लायर मनोज सिकलीगर को देवास से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से जखीरे के रूप में 10 अवैध हथियार सहित बड़ी संख्या में हथियार बनाने के औजार बरामद किए गए हैं। आरोपी इन्हें अलग-अलग जगहों पर खपाने की फिराक में था, इस दौरान हुई पुलिस की कार्रवाई से निमाड़ अंचल के हथियार तस्करों में हड़कंप मच गया है।
पूछताछ में खुला राज
मामले का खुलासा करते हुए खंडवा के एडिशनल एसपी आदित्य सिंघारिया ने बताया कि करीब दो महीने पहले कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 421/26 दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने अमन लाला, आफताब, आबिद और सलमान नामक आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जब इन आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने अवैध हथियारों के मुख्य सप्लायर मनोज सिकलीगर का नाम उगला। पुलिस के मुताबिक मनोज सिकलीगर तभी से फरार चल रहा था।
ह्यूमन इंटेलिजेंस और व्हाट्सएप से खुली पोल
खंडवा एसपी अगम जैन के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने लगातार दो महीने तक ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की घेराबंदी की। आखिरकार 29 अक्टूबर को पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर उसे देवास से धर दबोचा। एडिशनल एसपी ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से हाईटेक अंदाज में काम करता था। हथियारों की डिलीवरी के लिए बिचौलियों का इस्तेमाल किया जाता था। डायरेक्ट फोन कॉल और व्हाट्सएप के जरिए हथियारों की डिमांड ली जाती थी और उसी आधार पर सप्लाई दी जाती थी।
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रिमांड पर मुख्य आरोपी
पुलिस ने आरोपी मनोज सिकलीगर के पास से 7 देशी कट्टे और 3 पिस्टल बरामद की हैं। इस पूरे मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपी मनोज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, उस पर रतलाम और देवास में भी पहले से तीन मामले दर्ज हैं।
एडिशनल एसपी सिंघारिया ने बताया कि न्यायालय से आरोपी की तीन दिन की पुलिस रिमांड ली गई है। अब पुलिस उसके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने कहां-कहां हथियार बेचे हैं। पूछताछ में निमाड़, खरगोन और बुरहानपुर से जुड़े अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी के इस मामले से आगे की कड़ियों के खुलासे की उम्मीद है।