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देहरादून: मेरे जेल जाने से अगर मेरी पत्नी खुश है तो यही सही, गिरफ्तारी के बाद गिरधारी लाल साहू का बयान
Sat, 07 Nov 2026 05:12 PM IST
Renu Saklani
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Renu Saklani
Updated Sat, 07 Nov 2026 05:12 PM IST
सार
गिरफ्तारी के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू ने कहा कि अगर मेरी पत्नी मेरे जेल जाने से खुश हैं तो यही सही। रेखा आर्य से जुड़े मामले में पुलिस ने गिरधारी और उनके भतीजे को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है।
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गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने की प्रेसकांफ्रेंस
- फोटो : पुलिस
विस्तार
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े चार कंपनियों में निदेशक पद से हटाने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी उनके पति गिरधारी लाल साहू और उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित नौ सदस्यीय एसआईटी ने दोनों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी गिरधारी लाल को झांसी (उत्तर प्रदेश) से, जबकि उसके भतीजे सतेंद्र को बरेली स्थित जोगी नवादा से पकड़ा गया।
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पुलिस के अनुसार, रेखा आर्य ने 15 अक्तूबर को कैंट कोतवाली में तहरीर देकर गिरधारी लाल साहू पर पूर्व विवाह की बात छिपाकर उनसे शादी करने, गाली-गलौज, मारपीट और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने के आरोप लगाए थे। इसके साथ ही आरोप लगाया था कि उनके फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें चार कंपनियों के निदेशक पद से हटा दिया गया।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने एसपी ग्रामीण प्रथम के पर्यवेक्षण में नौ सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। जांच के दौरान एसआईटी ने ऑडियो क्लिप कब्जे में लेने के साथ ही गवाहों के बयान दर्ज किए और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की।
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भतीजे को निदेशक बनाने के लिए तैयार किए फर्जी दस्तावेज
जांच में सामने आया कि गिरधारी लाल ने अपने भतीजे सतेंद्र राठौर के साथ मिलकर कथित तौर पर रेखा आर्य के फर्जी हस्ताक्षर किए और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उन्हें चार कंपनियों से निदेशक पद से हटवा दिया। इसके बाद भतीजे सतेंद्र को चारों कंपनियों में निदेशक बना दिया गया। इनमें देवों के देव महादेव, बनखंडी रुद्राक्ष धाम, श्री अंबे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड और श्री बनखंडी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
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जांच में सतेंद्र की भूमिका सामने आने के बाद उसे भी प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरधारी लाल के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट समेत 44 प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी मिली है।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में दबिश दे रही थीं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से छह नवंबर को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसआईटी दोनों से पूछताछ कर रही है।