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Kullu News: ठेकेदारी की महंगी मार, कारोबारियों ने डोम से खींचे हाथ
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दशहरा मैदान में लगा डोम खाली। संवाद
कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा मेले के दौरान कारोबारियों को दुकानें लगाने के लिए तैयार किया गया एक डोम प्लॉट महंगे होने के कारण खाली पड़ा है। इसमें दुकानें नहीं लग पाई हैं। कारोबारियों का कहना है कि डोम के भीतर प्लॉटों के दाम इतने अधिक हैं कि दुकानें लगाना उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है। खेल मैदान में लगाए गए चार डोम में कारोबारियों ने दुकानें सजा रखी हैं, लेकिन उपायुक्त कार्यालय के साथ लगते मैदान में लगाया गया अतिरिक्त डोम पूरी तरह खाली है।
इस बार भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर वाला मैदान और खेल मैदान की मार्केट ठेकेदार को सौंपी गई है। ठेकेदार ही इन मैदानों में बाजार लगाने के लिए कारोबारियों को प्लॉट आवंटित कर रहा है। कारोबारियों का आरोप है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्लॉटों के दाम करीब दोगुने वसूले जा रहे हैं। अधिक किराये के कारण कई कारोबारी दुकानें लगाने से पीछे हट रहे हैं।
इससे पहले जूता और पुराने कपड़ों का कारोबार करने वाले व्यापारी भी महंगे प्लॉटों का विरोध कर चुके हैं। उन्होंने बाजार को ठेके पर देने की व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई है। कारोबारियों का कहना है कि पहले दशहरा समिति की ओर से दुकानें आवंटित की जाती थीं और इसके लिए उचित दाम चुकाने पड़ते थे, लेकिन इस बार पूरा बाजार ठेके पर देने से ठेकेदार मनमाने दाम वसूल रहा है। कुछ कारोबारियों को मजबूरी में महंगे प्लॉट लेकर दुकानें लगानी पड़ रही हैं।
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कारोबारी सुमित कुमार, नितिन कुमार, राकेश और पवन ने बताया कि खाली पड़े डोम में आगे की दुकानों के लिए एक लाख रुपये से अधिक किराया मांगा जा रहा है, जबकि पीछे की दुकान के लिए 80 और 70 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। इस कारण ही कारोबारी इस डोम में दुकानें लगाने से परहेज कर रहे हैं।
उधर, उपायुक्त एवं दशहरा समिति के उपाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि बाजार टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ठेकेदार को दिए गए हैं। इसके बावजूद ठेकेदार को प्रशासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि दुकानदारों से अनावश्यक किराया न वसूला जाए। संवाद
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इस बार भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर वाला मैदान और खेल मैदान की मार्केट ठेकेदार को सौंपी गई है। ठेकेदार ही इन मैदानों में बाजार लगाने के लिए कारोबारियों को प्लॉट आवंटित कर रहा है। कारोबारियों का आरोप है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्लॉटों के दाम करीब दोगुने वसूले जा रहे हैं। अधिक किराये के कारण कई कारोबारी दुकानें लगाने से पीछे हट रहे हैं।
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इससे पहले जूता और पुराने कपड़ों का कारोबार करने वाले व्यापारी भी महंगे प्लॉटों का विरोध कर चुके हैं। उन्होंने बाजार को ठेके पर देने की व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई है। कारोबारियों का कहना है कि पहले दशहरा समिति की ओर से दुकानें आवंटित की जाती थीं और इसके लिए उचित दाम चुकाने पड़ते थे, लेकिन इस बार पूरा बाजार ठेके पर देने से ठेकेदार मनमाने दाम वसूल रहा है। कुछ कारोबारियों को मजबूरी में महंगे प्लॉट लेकर दुकानें लगानी पड़ रही हैं।
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कारोबारी सुमित कुमार, नितिन कुमार, राकेश और पवन ने बताया कि खाली पड़े डोम में आगे की दुकानों के लिए एक लाख रुपये से अधिक किराया मांगा जा रहा है, जबकि पीछे की दुकान के लिए 80 और 70 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। इस कारण ही कारोबारी इस डोम में दुकानें लगाने से परहेज कर रहे हैं।
उधर, उपायुक्त एवं दशहरा समिति के उपाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि बाजार टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ठेकेदार को दिए गए हैं। इसके बावजूद ठेकेदार को प्रशासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि दुकानदारों से अनावश्यक किराया न वसूला जाए। संवाद