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भोपाल: पेड ओल्ड एज होम का संचालन अब एमपीटी को सौंपने की तैयारी, सेवा भारती से अनुबंध खत्म
Sun, 01 Nov 2026 08:52 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 01 Nov 2026 08:52 AM IST
सार
सेवा भारती से अनुबंध खत्म होने के बाद प्रदेश के पहले पेड ओल्ड एज होम ‘संध्या छाया’ के संचालन की जिम्मेदारी अब एमपीटी को सौंपने की तैयारी है। नई व्यवस्था में बुजुर्गों को प्राथमिकता से कमरे देने के बाद खाली कमरों को होटल के रूप में किराये पर देने का विकल्प भी रहेगा।
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ओल्ड एज होम का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश के पहले पेड ओल्ड एज होम ‘संध्या छाया’ के संचालन की जिम्मेदारी अब मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) को सौंपने की तैयारी है। सामाजिक न्याय विभाग ने इसका संचालन कर रही संस्था सेवा भारती का अनुबंध समाप्त कर दिया है। अब विभाग निगम के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) करने पर विचार कर रहा है। नई व्यवस्था में बुजुर्गों के रहने के लिए कमरे उपलब्ध कराने के साथ खाली कमरों का व्यावसायिक उपयोग भी किया जा सकेगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सबसे पहले बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर कमरे आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद भी कमरे खाली रहते हैं तो उन्हें होटल के रूप में किराये पर देने का विकल्प रखा जाएगा। इससे खाली कमरों का उपयोग सुनिश्चित करने के साथ ही होने वाली आय से वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा।
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सामाजिक न्याय विभाग की प्रमुख सचिव सोनाली पोंक्षे वायंगणकर ने बताया कि सेवा भारती निर्धारित शर्तों के अनुरूप पेड ओल्ड एज होम का संचालन नहीं कर पा रही थी। संस्था अनुबंध की कई शर्तें पूरी करने में विफल रही, जिसके चलते अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए संस्था को दो महीने का नोटिस भी दिया गया था। विभाग के अनुसार, संस्था की ओर से बिजली बिल के भुगतान में देरी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे। इसके अलावा एयर कंडीशनर खराब होने और निर्माण की गुणवत्ता संबंधी शिकायतें भी सामने आई थीं। हालांकि, वृद्धाश्रम विभाग को सौंपे जाने के समय सभी एसी चालू हालत में थे। ऐसे में बिजली संबंधी समस्याओं की नियमित निगरानी की जानी चाहिए थी।
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34 कमरों में 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था
लिंक रोड नंबर-3 स्थित पाटकर कॉलोनी में बने ‘संध्या छाया’ में 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था है। यहां सिंगल और डबल बेड श्रेणी के कुल 34 कमरे हैं। सिंगल बेड कमरे का मासिक किराया 45,990 से 49,990 रुपये और डबल बेड कमरे का किराया 76,980 से 86,980 रुपये निर्धारित है। इसके बावजूद यहां रहने वाले बुजुर्गों की संख्या बेहद कम रही। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां मुश्किल से आधा दर्जन बुजुर्ग ही रह रहे थे। विभाग और सेवा भारती के बीच विवाद की एक वजह खाली कमरों के किराये का भुगतान भी रहा। सेवा भारती खाली कमरों का किराया देने के बजाय केवल आवंटित कमरों का किराया देने पर जोर दे रही थी। इसी मुद्दे सहित अनुबंध की अन्य शर्तों को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई। अब पर्यटन विकास निगम के माध्यम से संचालन की नई व्यवस्था बनाने की तैयारी है।
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सामाजिक न्याय विभाग की प्रमुख सचिव सोनाली पोंक्षे वायंगणकर ने बताया कि सेवा भारती निर्धारित शर्तों के अनुरूप पेड ओल्ड एज होम का संचालन नहीं कर पा रही थी। संस्था अनुबंध की कई शर्तें पूरी करने में विफल रही, जिसके चलते अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए संस्था को दो महीने का नोटिस भी दिया गया था। विभाग के अनुसार, संस्था की ओर से बिजली बिल के भुगतान में देरी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे। इसके अलावा एयर कंडीशनर खराब होने और निर्माण की गुणवत्ता संबंधी शिकायतें भी सामने आई थीं। हालांकि, वृद्धाश्रम विभाग को सौंपे जाने के समय सभी एसी चालू हालत में थे। ऐसे में बिजली संबंधी समस्याओं की नियमित निगरानी की जानी चाहिए थी।
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34 कमरों में 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था
लिंक रोड नंबर-3 स्थित पाटकर कॉलोनी में बने ‘संध्या छाया’ में 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था है। यहां सिंगल और डबल बेड श्रेणी के कुल 34 कमरे हैं। सिंगल बेड कमरे का मासिक किराया 45,990 से 49,990 रुपये और डबल बेड कमरे का किराया 76,980 से 86,980 रुपये निर्धारित है। इसके बावजूद यहां रहने वाले बुजुर्गों की संख्या बेहद कम रही। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां मुश्किल से आधा दर्जन बुजुर्ग ही रह रहे थे। विभाग और सेवा भारती के बीच विवाद की एक वजह खाली कमरों के किराये का भुगतान भी रहा। सेवा भारती खाली कमरों का किराया देने के बजाय केवल आवंटित कमरों का किराया देने पर जोर दे रही थी। इसी मुद्दे सहित अनुबंध की अन्य शर्तों को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई। अब पर्यटन विकास निगम के माध्यम से संचालन की नई व्यवस्था बनाने की तैयारी है।
