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Uttarkashi News: केदारताल ट्रैक पर मिले लापता सात लोगों के शव, एक अभी भी लापता
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उत्तरकाशी। केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन की घटना के बाद लापता तीन ट्रैकर्स के शव शुक्रवार को जिला मुख्यालय लाए गए। जिला अस्पताल में लाए गए शवों की शिनाख्त स्थानीय गाइड और पश्चिम बंगाल के दो ट्रैकर्स के रूप में हुई है। अब तक कुल सात लोगों के शव मिल चुके हैं। एक ट्रैकर्स का शव बहुत खोजबीन के बाद भी नहीं मिल पाया। वहीं अब प्रशासन की ओर से रेस्क्यू अभियान बंद कर दिया गया है।
निम व एसडीआरएफ की टीम अब हेली सेवा के माध्यम से हर्षिल पहुंच चुकी है। जिला अस्पताल में पहुंचे तीन शव बीते बृहस्पतिवार को मिल गए थे लेकिन मौसम खराब होने के कारण उन्हें नहीं लाया गया था। शुक्रवार को मौसम साफ होने के बाद हेलिकॉप्टर को मातली हेलीपैड से केदारताल ट्रैक पर रेस्क्यू टीम की ओर से बनाए गए अस्थायी हेलीपैड पर भेजा गया। वहां से तीन शवों को जिला मुख्यालय पहुंचाया गया। अस्पताल में लाए गए शवों की शिनाख्त स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा, पश्चिम बंगाल निवासी ट्रैकर्स तपस बाउरी, मनोज खवास के रूप में हुई। इससे पूर्व मिले चार शवों की शिनाख्त उत्तर प्रदेश निवासी ट्रैकर्स दीपिका वर्मा, वर्तिका वर्मा, रिंटु मंडल, उदय घोष के रूप में हुई थी। वहीं रतन घोष नाम के ट्रैकर्स का कुछ पता नहीं लग पाया। बता दें कि बीते 29 अक्तूबर को एक गाइड सहित सात ट्रैकर्स का आठ सदस्यीय दल केदारताल से वापस लौटते हुए कच्ची ढांग के समीप हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे। उसके बाद हेली रेकी और एसडीआरएफ और निम की दस सदस्यीय टीम ने वहां पर करीब सात दिन तक खोजबीन अभियान चलाया। इस अभियान में सात लोगों के शव मिले। लेकिन एक का कुछ पता नहीं लग पाया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसांई ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने बताया कि एक ट्रैकर्स का कुछ पता नहीं लग पाया है। वहां पर करीब दस फुट से अधिक बर्फ जमा है। साथ ही उस क्षेत्र में अब लगातार बर्फबारी हो रही है। इसलिए रेस्क्यू अभियान को अब बंद कर दिया गया है।
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निम व एसडीआरएफ की टीम अब हेली सेवा के माध्यम से हर्षिल पहुंच चुकी है। जिला अस्पताल में पहुंचे तीन शव बीते बृहस्पतिवार को मिल गए थे लेकिन मौसम खराब होने के कारण उन्हें नहीं लाया गया था। शुक्रवार को मौसम साफ होने के बाद हेलिकॉप्टर को मातली हेलीपैड से केदारताल ट्रैक पर रेस्क्यू टीम की ओर से बनाए गए अस्थायी हेलीपैड पर भेजा गया। वहां से तीन शवों को जिला मुख्यालय पहुंचाया गया। अस्पताल में लाए गए शवों की शिनाख्त स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा, पश्चिम बंगाल निवासी ट्रैकर्स तपस बाउरी, मनोज खवास के रूप में हुई। इससे पूर्व मिले चार शवों की शिनाख्त उत्तर प्रदेश निवासी ट्रैकर्स दीपिका वर्मा, वर्तिका वर्मा, रिंटु मंडल, उदय घोष के रूप में हुई थी। वहीं रतन घोष नाम के ट्रैकर्स का कुछ पता नहीं लग पाया। बता दें कि बीते 29 अक्तूबर को एक गाइड सहित सात ट्रैकर्स का आठ सदस्यीय दल केदारताल से वापस लौटते हुए कच्ची ढांग के समीप हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे। उसके बाद हेली रेकी और एसडीआरएफ और निम की दस सदस्यीय टीम ने वहां पर करीब सात दिन तक खोजबीन अभियान चलाया। इस अभियान में सात लोगों के शव मिले। लेकिन एक का कुछ पता नहीं लग पाया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसांई ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने बताया कि एक ट्रैकर्स का कुछ पता नहीं लग पाया है। वहां पर करीब दस फुट से अधिक बर्फ जमा है। साथ ही उस क्षेत्र में अब लगातार बर्फबारी हो रही है। इसलिए रेस्क्यू अभियान को अब बंद कर दिया गया है।
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