इस्राइल चुनाव: नेतन्याहू की पार्टी ने कहा- वोट चोरी हुए, अरब दलों पर कार्रवाई की मांग; सत्ता बदलने की तैयारी
इस्राइल चुनाव में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अरब दलों पर धांधली के आरोप लगाकर जांच की मांग की है। दूसरी ओर, यूसुफ जबरीन ने सरकार बदलने के लिए यहूदी-अरब साझेदारी की वकालत की है।
विस्तार
इस्राइल में आम चुनाव की मतगणना के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। पार्टी ने अरब राजनीतिक दलों पर मतदाताओं को रिश्वत देने, धमकाने, हिंसा और फर्जी मतदान जैसी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। लिकुड ने इन आरोपों की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पार्टी का बयान साझा किया। इसमें दावा किया गया कि लिकुड ने पुलिस, शिन बेट और केंद्रीय चुनाव समिति को सैकड़ों गवाहियां और सबूत सौंपने की बात कही है। पार्टी ने मतदान केंद्रों पर नकदी और रा'म पार्टी की पर्चियां मिलने, एक से अधिक बार मतदान करने और प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल जैसे आरोप भी लगाए। लिकुड ने कहा कि चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
नेतन्याहू बोले- अरब दलों के समर्थन वाली सरकार स्वीकार नहीं
मतगणना के बीच नेतन्याहू ने दक्षिणपंथी दलों से एक मजबूत राष्ट्रीय सरकार बनाने की अपील की। उन्होंने अरब दलों के समर्थन से बनने वाली सरकार का विरोध करते हुए उन्हें इस्राइल की सुरक्षा और अस्तित्व के लिए खतरा बताया।
नेतन्याहू ने कहा कि ऐसी सरकार नहीं बननी चाहिए, जो उन अरब दलों पर निर्भर हो जिन्हें वह यहूदी राष्ट्र के विरोधी मानते हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा और अरब दलों के साथ राजनीतिक गठबंधन की संभावनाओं को शर्मनाक बताया।
अरब-ज्यूइश गठबंधन के जरिए सत्ता परिवर्तन की तैयारी
दूसरी ओर, अरब बहुल जॉइंट लिस्ट गठबंधन के अध्यक्ष यूसुफ जबरीन ने नेतन्याहू सरकार को सत्ता से हटाने की दिशा में काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनका गठबंधन सरकार बदलने का रास्ता तैयार करने के लिए तैयार है। जबरीन ने मौजूदा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए यहूदी और अरब समुदायों के बीच समानता और साझेदारी पर आधारित राजनीतिक विकल्प की वकालत की। उनका कहना है कि वास्तविक बदलाव के लिए दोनों समुदायों के बीच बराबरी की भागीदारी जरूरी है।
चुनावी समीकरण में कड़ा मुकाबला
इस्राइल की संसद कनेसट में बहुमत को लेकर अलग-अलग एग्जिट पोल में अलग तस्वीर सामने आई। डायरेक्ट पोल्स के अनुमान में नेतन्याहू के गठबंधन को 55 सीटें, गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 49 और अरब दलों को 16 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया। वहीं, चैनल 11 के अपडेटेड एग्जिट पोल में नेतन्याहू और उनके विरोधी गठबंधन को 51-51 सीटें मिलने का अनुमान सामने आया। चैनल 14 पर पेश फिल्बर के सर्वे में नेतन्याहू के गठबंधन को 60, विपक्ष को 43 और अरब दलों को 17 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया।
अन्य अनुमानों में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी की सीटें 25 से बढ़कर 27 होने, वामपंथी गठबंधन डेमोक्रेट्स की सीटें 10 से घटकर नौ और दक्षिणपंथी ओत्जमा येहुदित की सीटें सात से घटकर छह होने की बात कही गई। ये एग्जिट पोल के अनुमान हैं, अंतिम चुनाव परिणाम नहीं। मतगणना पूरी होने के बाद ही संसद में दलों की वास्तविक ताकत और सरकार गठन की तस्वीर स्पष्ट होगी।