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Bareilly News: संकरी गलियों में आग लगी तो नहीं पहुंच पाएगी फायर ब्रिगेड, अतिक्रमण बना बड़ा खतरा
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बरेली। त्योहारी सीजन में बाजारों में खरीदार उमड़ने लगे हैं, लेकिन वहां की संकरी गलियां और उनमें फैला अतिक्रमण लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। अगर किसी दुकान में आग लगी तो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तक मौके पर नहीं पहुंच पाएंगी। अतिक्रमण और जाम के चलते दमकल कर्मियों के लिए आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा।
कुतुबखाना, बड़ा बाजार, कटरा मानराय, आलमगिरीगंज और आर्य समाज गली जैसे प्रमुख बाजारों में दिनभर ग्राहकों की भीड़ रहती है। इन बाजारों में कपड़े, क्रॉकरी और दवाइयों की थोक दुकानें हैं। अकेले कुतुबखाना क्षेत्र में 500 से अधिक दुकानें हैं और यहां रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। इसके बावजूद यहां आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आते।
इन बाजारों में पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले वर्ष दीपावली के दिन कटरा मानराय में एक थोक कपड़ा विक्रेता की दुकान में आग लग गई थी। इसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। संकरी गलियों और रास्तों की वजह से फायर ब्रिगेड को मौके तक पहुंचने में परेशानी हुई थी। वर्ष 2022 में किला क्षेत्र स्थित क्रॉकरी की दुकान में आग लगी थी। दमकल के पहुंचने तक दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान राख हो गया था।
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गलियों में दुकानों के बाहर सामान रखे होने और अतिक्रमण के कारण रास्ते और संकरे हो गए हैं। कई जगह बिजली के तार भी नीचे लटक रहे हैं। ऐसे में दमकल, एंबुलेंस सहित अन्य आपातकालीन वाहनों को भी रास्ता मिलना मुश्किल हो जाता है। व्यापारी श्रीनाथ अग्रवाल का कहना है कि बाजार से अतिक्रमण को हटाया जाए। व्यापारी विकास अग्रवाल ने बताया कि आर्य समाज गली में कपड़ों का बड़ा बाजार है, लेकिन यहां रास्ता काफी संकरा है। ऊपर से बिजली के तार लटके रहते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका बनी रहती है।
प्रभावी इंतजाम किए जाने की जरूरतत्योहारी सीजन में बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ आग लगने की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में संकरी गलियों से अतिक्रमण हटाने और दमकल वाहनों के लिए रास्ता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी इंतजाम जरूरी हैं। बाजारों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, बिजली के लटकते तारों को दुरुस्त कराने और आपातकालीन रास्तों को खाली रखने की जरूरत है। समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़े हादसे के दौरान राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है।
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कुतुबखाना, बड़ा बाजार, कटरा मानराय, आलमगिरीगंज और आर्य समाज गली जैसे प्रमुख बाजारों में दिनभर ग्राहकों की भीड़ रहती है। इन बाजारों में कपड़े, क्रॉकरी और दवाइयों की थोक दुकानें हैं। अकेले कुतुबखाना क्षेत्र में 500 से अधिक दुकानें हैं और यहां रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। इसके बावजूद यहां आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आते।
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इन बाजारों में पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले वर्ष दीपावली के दिन कटरा मानराय में एक थोक कपड़ा विक्रेता की दुकान में आग लग गई थी। इसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। संकरी गलियों और रास्तों की वजह से फायर ब्रिगेड को मौके तक पहुंचने में परेशानी हुई थी। वर्ष 2022 में किला क्षेत्र स्थित क्रॉकरी की दुकान में आग लगी थी। दमकल के पहुंचने तक दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान राख हो गया था।
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गलियों में दुकानों के बाहर सामान रखे होने और अतिक्रमण के कारण रास्ते और संकरे हो गए हैं। कई जगह बिजली के तार भी नीचे लटक रहे हैं। ऐसे में दमकल, एंबुलेंस सहित अन्य आपातकालीन वाहनों को भी रास्ता मिलना मुश्किल हो जाता है। व्यापारी श्रीनाथ अग्रवाल का कहना है कि बाजार से अतिक्रमण को हटाया जाए। व्यापारी विकास अग्रवाल ने बताया कि आर्य समाज गली में कपड़ों का बड़ा बाजार है, लेकिन यहां रास्ता काफी संकरा है। ऊपर से बिजली के तार लटके रहते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका बनी रहती है।
प्रभावी इंतजाम किए जाने की जरूरतत्योहारी सीजन में बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ आग लगने की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में संकरी गलियों से अतिक्रमण हटाने और दमकल वाहनों के लिए रास्ता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी इंतजाम जरूरी हैं। बाजारों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, बिजली के लटकते तारों को दुरुस्त कराने और आपातकालीन रास्तों को खाली रखने की जरूरत है। समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़े हादसे के दौरान राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है।