हरिद्वार: उर्मिला सनावर की रिहाई का रास्ता साफ, दोनों मामलों में कोर्ट ने जमानत की मंजूर, कल आएंगी जेल से बाहर
रानीपुर कोतवाली पुलिस ने 25 अक्तूबर को पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में उर्मिला सनावर को सहारनपुर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका ने ये प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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अभिनेत्री उर्मिला सनावर को जेल से बाहर आने के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दो अलग-अलग प्राथमिकी में जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। बृहस्पतिवार को उनके अधिवक्ता की ओर से दोनों जमानती न्यायालय में पेश किए गए, जिन्हें कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसी बीच करीब दो साल पुरानी एक अन्य प्राथमिकी में बी वारंट पर उर्मिला को जेल से न्यायालय में पेश किया गया। इस मामले में भी सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। हालांकि, कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने में समय लगने के कारण बृहस्पतिवार को उनकी रिहाई नहीं हो सकी। शुक्रवार को उन्हें जेल से रिहा किया जाएगा।
रानीपुर कोतवाली पुलिस ने 25 अक्तूबर को पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में उर्मिला सनावर को सहारनपुर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका ने ये प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 25 तारीख को ही हरिद्वार कोर्ट में पुलिस ने उन्हें पेश किया था, जहां से जेल भेज दिया था। इस मामले में दो नवंबर को न्यायालय ने उर्मिला की जमानत मंजूर कर ली थी, लेकिन जमानती उपलब्ध नहीं होने के कारण रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी।
इसके चलते उन्हें जेल में ही रहना पड़ा। बृहस्पतिवार को उर्मिला सनावर की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान की ओर से दोनों जमानती न्यायालय में पेश किए गए। कोर्ट ने जमानतियों के दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद उन्हें स्वीकार कर लिया। इससे उर्मिला की रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ गई। इसी दौरान करीब दो साल पुरानी एक अन्य प्राथमिकी में बी वारंट के तहत उन्हें जेल से न्यायालय लाया गया।
ये प्राथमिकी भी दीपिका राठौर ने 2025 दिसंबर माह में दर्ज कराई थी। इस मामले में अधिवक्ता की ओर से जमानत के लिए पैरवी की गई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने इस प्राथमिकी में भी उर्मिला को जमानत दे दी। इस तरह मौजूदा प्राथमिकी में पहले ही जमानत मिलने और जमानतियों के मंजूर होने के साथ पुराने मामले में भी राहत मिलने से उनकी जेल से रिहाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
हालांकि, बृहस्पतिवार को देर तक चली कानूनी प्रक्रिया के चलते रिहाई का परवाना जेल प्रशासन तक पहुंचने के बावजूद निर्धारित समय में औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकीं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि उर्मिला सनावर की रिहाई का परवाना न्यायालय से प्राप्त हो गया है। समय सीमा समाप्त होने के कारण बृहस्पतिवार को रिहाई संभव नहीं हो सकी। शुक्रवार को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
दोनों मामलों में मिल चुकी है जमानत
उर्मिला की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने बताया कि दो नवंबर को ही एक प्राथमिकी में कोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन जमानती पेश नहीं होने के कारण रिहाई नहीं हो सकी थी। बृहस्पतिवार को दोनों जमानती न्यायालय में पेश कर दिए गए, जिन्हें कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा पूर्व में दर्ज प्राथमिकी में भी उर्मिला की जमानत मंजूर हो गई है।